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RSS चीफ बोले- Gen Z को राष्ट्रविरोधी मत कहो, इंदौर की बैठक में बनेगी रणनीति

बेरोजगारी, प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक और चुनावी प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं को लेकर युवाओं के बीच बढ़ती नाराजगी अब राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के एजेंडे में भी प्रमुखता से शामिल हो गई है. इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक, इंदौर में होने वाली संघ की 3 दिवसीय बैठक में युवाओं की चिंताओं, सोशल मीडिया पर बदलते राजनीतिक विमर्श और कथित बाहरी हस्तक्षेप जैसे मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है.
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की अखिल भारतीय कार्यकारी मंडल की बैठक 2 से 4 नवंबर तक मध्य प्रदेश के इंदौर में आयोजित होगी. इस तीन दिवसीय बैठक में समकालीन सामाजिक और राजनीतिक मुद्दों पर विस्तार से चर्चा होने की उम्मीद है. संघ परिवार के सामने सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक युवाओं के बीच बढ़ती बेचैनी और उनके बदलते राजनीतिक नजरिये को समझना है.
'युवाओं को समझना होगा, सिर्फ समझाना नहीं'
RSS का मानना है कि युवाओं की नाराजगी का समाधान केवल उन्हें अपनी बात समझाने से नहीं होगा, बल्कि उनकी समस्याओं को सुनना और उनसे संवाद करना जरूरी है. संघ के एक वरिष्ठ पदाधिकारी ने कहा कि इतिहास गवाह है कि दुनिया के अलग-अलग देशों में समय-समय पर युवा असंतोष सामने आता रहा है.
RSS के मुताबिक, ऐसे समय में सबसे बेहतर तरीका युवाओं की बात सुनना, अपने विचार साझा करना और उनके साथ लगातार संपर्क बनाए रखना है. उन्होंने दावा किया कि संघ की शाखाओं में युवाओं की भागीदारी लंबे समय से अधिक रही है और वर्तमान में भी 88 हजार से ज्यादा शाखाओं में शामिल होने वालों में लगभग 60 फीसदी युवा हैं.
NEET पेपर लीक से लेकर परीक्षा व्यवस्था तक पर होगी चर्चा
अगस्त में हुई RSS की अखिल भारतीय समन्वय बैठक में भी युवाओं की चिंताओं और परीक्षा प्रणाली से जुड़ी समस्याओं पर चर्चा हुई थी. NEET परीक्षा के पेपर लीक जैसे मुद्दों पर सवाल उठने के बाद संघ ने व्यवस्था की कमियों को स्वीकार करने और युवा पीढ़ी के साथ बेहतर संवाद की जरूरत पर जोर दिया था.
संघ से जुड़े लोगों का मानना है कि युवाओं से बातचीत एकतरफा नहीं होनी चाहिए. उन्हें केवल निर्देश देने या उपदेश देने के बजाय उनकी समस्याओं को समझना और उनके अनुभवों को महत्व देना जरूरी है. इंदौर की बैठक में भी इसी दृष्टिकोण को आगे बढ़ाने पर चर्चा हो सकती है.
मोहन भागवत ने Gen Z को बताया था आंदोलन का अधिकार
इस साल 6 अगस्त को मुंबई में RSS प्रमुख मोहन भागवत ने Gen Z और Gen Alpha के करीब 2,000 विद्यार्थियों के साथ संवाद किया था. परीक्षा संबंधी अनियमितताओं के खिलाफ हुए आंदोलन का संदर्भ देते हुए उन्होंने युवाओं की चिंताओं को वास्तविक बताया था.
भागवत ने कहा था कि लोकतंत्र में विरोध प्रदर्शन भी संवाद और सहमति बनाने का एक माध्यम है. उन्होंने यह भी कहा था कि आंदोलनों में शामिल होने वाले युवाओं को राष्ट्रविरोधी करार नहीं दिया जाना चाहिए.
SIR विवाद और विदेशी हस्तक्षेप के आरोप पर भी नज़र
मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर जारी विवाद और कथित अनियमितताओं पर हो रहे विरोध प्रदर्शन भी बैठक के संभावित चर्चा विषयों में शामिल हैं. संघ प्रमुख ने अपने विजयादशमी संबोधन में बाहरी ताकतों द्वारा देश के भीतर मतभेद बढ़ाने, संस्थाओं पर भरोसा कमजोर करने और असंतोष को बढ़ावा देने की आशंका जताई थी.
हालांकि, SIR आंदोलन में विदेशी हस्तक्षेप की बात को लेकर कोई सार्वजनिक रूप से स्थापित प्रमाण सामने होने का दावा नहीं किया जा सकता. RSS के एक पदाधिकारी ने विदेशी ताकतों द्वारा जन आंदोलनों का फायदा उठाने की आशंका जताई और Meta के माफी मांगने का उल्लेख किया.
इंस्टाग्राम और रील्स की भाषा समझना BJP-RSS के लिए बड़ी चुनौती
युवाओं के बदलते डिजिटल व्यवहार ने BJP और RSS के सामने संवाद की नई चुनौती खड़ी कर दी है. फेसबुक, X और WhatsApp जैसे मंचों पर प्रभावी राजनीतिक संचार विकसित करने के बावजूद Instagram और शॉर्ट वीडियो के दौर में युवा दर्शकों तक पहुंचने की भाषा अलग हो गई है.
युवा पीढ़ी अब मीम्स, व्यंग्य, हास्य, पॉप कल्चर और क्रिएटर आधारित वीडियो के जरिए अपनी नाराजगी व्यक्त कर रही है. यही वजह है कि केवल पारंपरिक राजनीतिक भाषणों और तैयार संदेशों के जरिए युवाओं को प्रभावित करना पहले जितना आसान नहीं रह गया है.
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) से जुड़ा ऑनलाइन व्यंग्य और सोशल मीडिया पर उभरी गतिविधियां भी इसी बदलते डिजिटल माहौल का हिस्सा रही हैं. रोजगार और परीक्षा संबंधी मुद्दों पर व्यंग्यात्मक सामग्री के जरिए व्यक्त असंतोष ने बाद में सड़कों पर होने वाले विरोध प्रदर्शनों का रूप भी लिया.
RSS के शताब्दी वर्ष में युवाओं तक पहुंचने की कोशिश
RSS अपने शताब्दी वर्ष के कार्यक्रमों के दौरान युवाओं तक पहुंच बढ़ाने पर भी जोर दे रहा है. मोहन भागवत ने इस महीने विजयादशमी संबोधन में बताया था कि शताब्दी वर्ष के दौरान आयोजित युवा सम्मेलनों में 39.25 लाख युवाओं ने हिस्सा लिया.
संघ की ओर से 29 नवंबर को दिल्ली के रोहिणी में 'राष्ट्र वंदनम्' नाम से एक बड़े कार्यक्रम की तैयारी भी की जा रही है. RSS के मुताबिक, सेक्टर-23 में होने वाले इस आयोजन में मोहन भागवत संबोधित कर सकते हैं. इसमें एक लाख से अधिक स्वयंसेवकों और आमंत्रित लोगों के शामिल होने का अनुमान जताया गया है.
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