Tuesday, 22 September 2026
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बड़वानी में कम बारिश से फसलें सूखी:मक्का, कपास और उड़द की फसल खराब; किसानों ने की मुआवजे की मांग

INT News22 September 2026 at 12:46 pm

बड़वानी जिले के पाटी और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में कम बारिश से खरीफ फसलों पर असर पड़ने की बात सामने आई हैं। किसानों के अनुसार ज्वार, बाजरा, मक्का, कपास, उड़द, मूंग और चवले की फसलें प्रभावित हो रही हैं। किसान फसल नुकसान का सर्वे कराकर मुआवजा देने और जिले को सूखा घोषित करने की मांग कर रहे हैं। फसल सूखने से लागत निकालना भी मुश्किल पाटी क्षेत्र के किसान सुरेश भवरे ने बताया कि उन्होंने 6 एकड़ में कपास की फसल लगाई थी, जो उनके अनुसार पूरी तरह सूख गई है। उन्होंने बताया कि प्रति एकड़ करीब 15 से 20 हजार रुपए की लागत आई है। किसान के मुताबिक फसल खराब होने से लागत निकलना भी मुश्किल है। किसान गौतम परमार ने बताया कि क्षेत्र में पर्याप्त बारिश नहीं हुई। उनके अनुसार बीच में हुई एक-दो बारिश से पकी फसल को भी नुकसान हुआ। उन्होंने फसल नुकसान का सर्वे कराने और मुआवजा देने की मांग की। कर्ज लेकर बोई थी फसल, बीमा राशी नहीं मिलने से परेशानी ग्राम बोमिया के किसान दीपक भावरे ने बताया कि उन्होंने 3 एकड़ में मक्का और कपास की फसल लगाई थी। उनके अनुसार फसल के लिए कर्ज लिया था, लेकिन बारिश की कमी से फसल खराब हो गई। किसानों ने फसल बीमा को लेकर भी शिकायतें बताईं। उनका कहना है कि फसल खराब होने के बाद बीमा राशि मिलने में परेशानी होती है। कुछ किसानों का यह भी कहना है कि कई मामलों में मिलने वाली राशि उनकी लागत के मुकाबले कम होती है। पाटी क्षेत्र के पहाड़ी और आदिवासी इलाकों में भी किसान कम बारिश से फसल प्रभावित होने की बात कह रहे हैं। इन क्षेत्रों में ज्वार और मक्का की खेती प्रमुख रूप से की जाती है। मुआवजा देने की मांग कर रहे किसान किसान अब प्रशासन से फसल नुकसान का सर्वे कराने और राहत देने की मांग कर रहे हैं। क्षेत्रीय विधायक राजन मंडलोई ने भी प्रशासन को पत्र लिखकर कम बारिश से प्रभावित आदिवासी क्षेत्रों में फसल सर्वे कराने, किसानों को उचित मुआवजा देने और जिले को सूखा घोषित करने की मांग की है। फसल नुकसान का वास्तविक आंकड़ा प्रशासनिक सर्वे के बाद ही स्पष्ट होगा।