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बिहार के 4409 सरकारी अफसरों और कर्मियों को नहीं मिलेगा प्रमोशन, IAS से लेकर इंजीनियर-पुलिसकर्मी तक शामिल

पटना से मनोज कुमार की रिपोर्ट
Bihar Pomotion Cancel News: बिहार के 4409 सरकारी अफसरों और कर्मचारियों के खिलाफ भ्रष्टाचार, अनियमितताओं के अलग-अलग मामलों में जांच चल रही है. इनमें आईएएस अधिकारियों से लेकर इंजीनियर, बिहार प्रशासनिक सेवा के अधिकारी और पुलिसकर्मी तक शामिल हैं. ऐसी स्थिति में इन सभी दागी अफसरों और कर्मियों के प्रमोशन पर रोक लगा दी गई है.
सरकारी-गैर सरकारी मिलाकर 5136 दागी
सिर्फ इतना ही नहीं, सरकारी तंत्र में सेंध लगाने वाले 727 गैर-सरकारी लोगों की भूमिका भी उजागर हुई है. सरकारी और निजी लोगों को मिलाकर सरकार ने कुल 5136 दागियों को चिह्नित किया. इनमें 538 दागी राज्य के सभी 38 जिलों से चिह्नित किए गए हैं.
निगरानी विभाग ने दागियों की लिस्ट सौंपी
निगरानी विभाग ने इन सभी दागियों की पूरी कुंडली तैयार कर सभी विभागों के सचिवों, प्रधान सचिवों, अपर मुख्य सचिवों और डीएम को सौंप दी है. इस रिपोर्ट के आधार पर फिलहाल इनको प्रोमोशन मिलना मुश्किल होगा. प्रोमोशन की बारी आने पर विभाग और डीएम इस ब्लैकलिस्ट को सामने रखकर ही फैसला लेंगे.
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किस विभाग से कितने दागी?
जानकारी के मुताबिक, शिक्षा विभाग के 983, सामान्य प्रशासन के 251, स्वास्थ्य विभाग के 187, पंचायती राज के 348, पुलिस के 288, राजस्व के 246 लोगों के खिलाफ निगरानी, ईओयू, एसवीयू और विभागीय जांच से जुड़े मामले चल रहे हैं. बिजली, नगर विकास, जल संसाधन और ग्रामीण विकास के सौ से अधिक अधिकारियों और कर्मियों के खिलाफ मामले चल रहे हैं.
मुजफ्फरपुर और किशनगंज में सबसे अधिक दागी चिह्नित
मुजफ्फरपुर और किशनगंज जिले से सबसे अधिक दागी चिह्नित हुए हैं. मुजफ्फरपुर में 213 अधिकारी और कर्मचारियों के खिलाफ मामले चल रहे हैं. इनमें से अधिकांश के खिलाफ अभी जांच चल रही है. किशनगंज में 81 के खिलाफ जांच चल रही है. निगरानी विभाग ने कहा है कि इस साल 31 दिसंबर तक निगरानी विभाग को स्वच्छता प्रमाण पत्र देने की आवश्यकता नहीं है.
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