Tuesday, 22 September 2026
INTइंडियन न्यूज़ ट्रस्टजहाँ सत्य मिले विश्वास से
ताज़ा खबरें

समाचार · मध्य प्रदेश

हरदा में नार्मदीय ब्राह्मण समाज धर्मशाला का शताब्दी समारोह शुरू:नर्मदा जल से हुआ अभिषेक और हवन, संस्कृति और धरोहर को सहेजने का संकल्प

INT News22 September 2026 at 01:58 pm

हरदा में मंगलवार को नार्मदीय ब्राह्मण समाज धर्मशाला का दो दिवसीय शताब्दी महोत्सव शुरू हुआ। धर्मशाला की स्थापना के 100 साल पूरे होने और 13 संस्थापक सदस्यों के प्रति आभार व्यक्त करने के उद्देश्य से यह आयोजन किया जा रहा है। समारोह में आसपास के क्षेत्रों से समाज के सदस्य शामिल हो रहे हैं। पहले दिन नर्मदा जल से अभिषेक, हवन, नर्मदाष्टक और सुंदरकांड पाठ के साथ धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम हुए। नर्मदा जल लाकर किया अभिषेक और हवन मुख्य ट्रस्टी अशोक पाराशर ने बताया कि शताब्दी समारोह की शुरुआत हंडिया से नर्मदा जल लाने के साथ हुई। धर्मशाला के द्वार पर पूजन के बाद विद्वान पंडितों के मार्गदर्शन में अभिषेक और हवन किया गया। इस दौरान नर्मदाष्टक और सुंदरकांड पाठ से माहौल भक्तिमय हो गया। इसके बाद महाआरती की गई। शाम को समाजजनों ने डोल पूजन किया। इसके बाद विष्णु सहस्रनाम पाठ की संगीतमय प्रस्तुति हुई। पुरानी परंपराओं को चित्रों और प्रदर्शनी में दिखाया समारोह में मातृशक्ति ने नार्मदीय ब्राह्मण समाज के रीति-रिवाज और परंपराओं को चित्रों के माध्यम से प्रस्तुत किया। रसोई में इस्तेमाल होने वाले पुराने बर्तनों और साधनों की प्रदर्शनी भी लगाई गई। दोपहर में महिलाओं और बच्चों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। इनमें जनजागरण का संदेश दिया गया। प्राचीन समय में उपयोग होने वाले बर्तन और दूसरी सामग्री को सहेजकर रखा गया है। पारंपरिक पूजन से जुड़ी कलाकृतियां भी तैयार की गई हैं, ताकि युवा पीढ़ी इन परंपराओं को समझकर आगे बढ़ा सके। बुधवार को स्मारिका का होगा विमोचन बुधवार को गोपीकृष्ण गार्डन में सुबह पंजीयन से कार्यक्रम की शुरुआत होगी। इसके बाद पूर्वजों का स्मरण किया जाएगा और स्मारिका ‘आराध्या एक अनमोल विरासत’ का लोकार्पण होगा। दूसरे सत्र ‘मंथन’ में समसामयिक विषयों पर चर्चा होगी। तीसरे सत्र में समाज के लिए संकल्प लिए जाएंगे। इसके बाद विभिन्न इकाइयों का सम्मान किया जाएगा और कार्यक्रम का समापन होगा। 13 संस्थापक सदस्यों को नमन आयोजन का मुख्य उद्देश्य उन 13 संस्थापक सदस्यों को नमन करना है, जिनकी दूरदृष्टि और समर्पण से एक सदी पहले धर्मशाला की नींव रखी गई थी। आयोजकों के अनुसार यह संस्था आज समाज की अनमोल विरासत बन चुकी है। शताब्दी समारोह समाज की अलग-अलग पीढ़ियों को एक साथ जोड़ने का माध्यम भी बना है। संयोजक संदीप पाराशर ने बताया कि आयोजन का उद्देश्य केवल उत्सव मनाना नहीं है, बल्कि समाज के बुजुर्गों और संस्थापकों के प्रति आभार व्यक्त करना भी है। इसके साथ ही नई पीढ़ी के लिए नई दिशा, नई सोच और नए संकल्पों का रास्ता तैयार करना भी समारोह का उद्देश्य है। देखें कार्यक्रम की तस्वीरें