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फरीदाबाद चेक बाउंस मामले में आरोपी को महीने जेल:फरीदाबाद चेक बाउंस मामले में आरोपी को महीने जेलकोर्ट ने 1.58 लाख रुपये मुआवजा देने का आदेश दिया, 3 साल बाद आया फैसला
फरीदाबाद कोर्ट ने चेक बाउंस के मामले में सुनवाई करते हुए आरोपी विजय कुमार को 6 महीने जेल की रजा सुनाई है। जज उदिता की कोर्ट ने 1.58 लाख रुपये का मुआवजा देने का आदेश जारी किया है। कोर्ट के द्वारा तय समय में पैसे नही दिए जाने पर 2 महीने की अतिरिक्त जेल काटनी होगी। आरोपी विजय कुमरा के द्वारा सोनू नामक शख्स को 7 दिसंबर 2022 का चेक जारी किया था। बैंक में जमा कराने के बाद मामला कोर्ट में पहुंच गया। जिसके बाद ये मामला 9 जनवरी 2023 को कोर्ट में पहुंच गया था। आरोपी ने परिवार की जिम्मेदारी का दिया हवाला सजा पर सुनवाई के दौरान आरोपी विजय कुमार ने अदालत को बताया कि वह मजदूरी करता है और अपने परिवार का अकेला कमाने वाला है। उसके परिवार में पत्नी और दो बच्चे हैं, जिनकी जिम्मेदारी उसी पर है। आरोपी ने खुद को मामले में गलत तरीके से फंसाए जाने की बात कहते हुए अदालत से नरमी बरतने की मांग की। शिकायतकर्ता ने अधिकतम सजा की मांग की शिकायतकर्ता सोनू की ओर से अदालत में कहा गया कि आरोपी के खिलाफ नरमी बरतने का कोई आधार नहीं है। शिकायतकर्ता ने बताया कि वह वर्ष 2023 से इस मामले में कानूनी प्रक्रिया का सामना कर रहा है और उसने अपनी शिकायत को अदालत में साबित किया है। इसलिए आरोपी को अधिकतम सजा देने की मांग की गई। चेक बैंक में जमा कराने पर हो गया था बाउंस अदालत ने मामले के तथ्यों को देखते हुए कहा कि आरोपी ने शिकायतकर्ता के पक्ष में चेक जारी किया था। बैंक में जमा कराने पर चेक बाउंस हो गया। अदालत ने माना कि आरोपी के पक्ष में नरमी बरतने वाली कोई परिस्थिति सामने नहीं आई। इसके बाद चेक नंबर 201752, दिनांक 7 दिसंबर 2022 से जुड़े मामले में नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट एक्ट की धारा 138 के तहत छह महीने की साधारण जेल की सजा सुनाई गई। एक महीने में देना होगा 1.58 लाख रुपये अदालत ने आरोपी को शिकायतकर्ता को 1.58 लाख रुपये मुआवजे के तौर पर देने का भी आदेश दिया है। यह राशि चेक बाउंस के कारण शिकायतकर्ता को हुई परेशानी और मुकदमे में हुए खर्च की भरपाई के लिए तय की गई है। मुआवजे की राशि आदेश की तारीख से एक महीने के भीतर जमा करनी होगी। भुगतान नहीं किया तो दो महीने और जेल अदालत ने स्पष्ट किया है कि यदि आरोपी तय समय में मुआवजे की रकम नहीं देता है तो उसे दो महीने की अतिरिक्त साधारण जेल की सजा भुगतनी होगी। सुनवाई के दौरान पहले से जेल में बिताई गई अवधि को सजा में समायोजित किया जाएगा। साथ ही, मुकदमे के दौरान शिकायतकर्ता को पहले से दी गई कोई राशि मुआवजे में समायोजित की जाएगी।