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बिजली कर्मियों की हड़ताल के मद्देनजर सिरसा में धारा163 लागू:मांगों को लेकर प्रदर्शन था प्रस्तावित, मंत्री विज से बातचीत में बनी सुलह
हरियाणा बिजली कर्मचारी एवं इंजीनियर्स संयुक्त संघर्ष मोर्चा तथा एचएसईबी डिप्लोमा इंजीनियर्स एसोसिएशन द्वारा 11 से 13 अगस्त तक प्रस्तावित राज्यव्यापी हड़ताल के मद्देनजर सिरसा जिले में जिला प्रशासन ने बीएनएस की धारा 163 लागू कर दी है। इसे लेकर सोमवार शाम को डीसी शांतनु शर्मा ने आदेश जारी किए है। हवाला दिया गया है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा लागू की है। जारी आदेशों के अनुसार, जिले में डीएचबीवीएन/एचवीपीएनएल के पावर स्टेशनों एवं सब-स्टेशनों के 500 मीटर के दायरे में पांच या उससे अधिक व्यक्तियों के आवागमन पर रोक लगाई गई है। इसके अलावा जुलूस निकालने, प्रदर्शन करने, धरना देने तथा नारेबाजी करने पर भी प्रतिबंध रहेगा। साथ ही किसी भी व्यक्ति या समूह द्वारा आग्नेयास्त्र, तलवार, लाठी, डंडा, बरछा, कुल्हाड़ी, जेली, फरसा, गंडासा, भाला, रॉड, हॉकी, चेन या पत्थर आदि को हथियार के रूप में लेकर चलने पर भी रोक रहेगी। इसके अलावा सार्वजनिक या निजी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वाले ज्वलनशील अथवा विस्फोटक पदार्थों के इस्तेमाल पर भी प्रतिबंध रहेगा। ये आदेश 11 अगस्त रात 12 बजे से प्रभावी होगा और स्थिति सामान्य होने तक लागू रहेंगे। हालांकि, ड्यूटी पर तैनात पुलिस बल और अन्य सरकारी कर्मचारियों पर ये आदेश लागू नहीं होंगे। मंत्री के आश्वासन पर हड़ताल स्थगित इधर, बिजली यूनियन पदाधिकारियों की आज सोमवार दोपहर को बिजली मंत्री अनिल विज के साथ मीटिंग हुई। इस बातचीत में मांगों को लेकर सुलह हो गई और मांगों को दो माह में पूरा करने का आश्वासन दिया है। इस पर बिजली यूनियन ने दो माह के लिए हड़ताल को स्थगित कर दिया है। अगर मांगों पर अमल नहीं हुआ तो वे आंदोलन करने पर मजबूर होंगे। जेल भरो आंदोलन को था समर्थन वहीं, 10 अगस्त को जेल भरो आंदोलन को बिजली कर्मचारी यूनियन का समर्थन था और प्रदर्शन में बिजली कर्मचारी शामिल हुए थे। बिजली कर्मचारी यूनियन ने मांगों को लेकर सरकार द्वारा पूरी न करने पर 11 से 13 तारीख तक तीन दिवसीय हड़ताल का ऐलान किया था। इससे बिजली व्यवस्था बिगड़ सकती थी। बारिश व मौसम खराब के चलते पहले से ही शॉर्ट सर्किट, लाइन व खंभे गिरने जैसी अन्य समस्याएं आ रही है।