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गोपालगंज: मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत की चचेरी भाभी की मौत के बाद हथुआ अस्पताल की बदहाली उजागर, वर्षों से बंद था मॉर्चरी चैंबर

Gopalganj hospital: बिहार के मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत की चचेरी भाभी नीलम देवी (60) की मौत के बाद हथुआ अनुमंडलीय अस्पताल की व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं. हृदय रोग से पीड़ित नीलम देवी पटना के मेदांता अस्पताल में ऑपरेशन के बाद घर लौट रही थीं. इसी दौरान रास्ते में अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गयी. परिजन उन्हें हथुआ अनुमंडलीय अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद मृत घोषित कर दिया.
वर्षों से बंद पड़ा था मॉर्चरी चैंबर
नीलम देवी की मौत के बाद शव को सुरक्षित रखने के लिए अस्पताल के मॉर्चरी चैंबर का इस्तेमाल करने की कोशिश की गयी, लेकिन चैंबर वर्षों से बंद पड़ा था. इसके कारण शव को सुरक्षित रखने के लिए जिला अस्पताल से मॉर्चरी चैंबर मंगवाने की व्यवस्था करनी पड़ी. इस घटना ने अनुमंडलीय अस्पताल में बुनियादी सुविधाओं के रखरखाव पर सवाल खड़े कर दिये हैं.
सूचना मिलते ही अस्पताल पहुंचे अधिकारी
घटना की सूचना मिलने के बाद हथुआ के अंचलाधिकारी (सीओ), भूमि सुधार उपसमाहर्ता (डीसीएलआर) समेत अन्य अधिकारी अस्पताल पहुंचे और वहां की व्यवस्थाओं का जायजा लिया. मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत के अगले दिन सुबह तक हथुआ पहुंचने की सूचना के बाद प्रशासनिक स्तर पर तैयारियां तेज होने की बात सामने आयी है.
वहीं, गोपालगंज के जिलाधिकारी समीर सौरभ के भी देर रात हथुआ पहुंचने की संभावना जतायी गयी. हालांकि, मुख्य सचिव के आगमन और जिलाधिकारी के दौरे की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है.
अस्पताल की व्यवस्था और जिम्मेदारी पर उठे सवाल
मुख्य सचिव की चचेरी भाभी की मौत के बाद हथुआ अनुमंडलीय अस्पताल की बुनियादी सुविधाओं को लेकर सवाल उठने लगे हैं. सबसे बड़ा सवाल यह है कि अस्पताल का मॉर्चरी चैंबर वर्षों से बंद क्यों पड़ा था और उसे चालू रखने की जिम्मेदारी निभाने में लापरवाही क्यों हुई. घटना ने अस्पताल में उपलब्ध सुविधाओं के रखरखाव और उनकी स्थिति की समीक्षा की जरूरत को सामने ला दिया है.
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