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10 अगस्त को पठानकोट में 'कॉर्पोरेट भारत छोड़ो' आंदोलन:किसान-मजदूर करेंगे प्रदर्शन, गिरफ्तारी देकर मांगों के समर्थन में जताएंगे विरोध
देशव्यापी 'कॉर्पोरेट भारत छोड़ो' आंदोलन के तहत 10 अगस्त को किसान और मजदूर विरोध प्रदर्शन करेंगे। इस दौरान गिरफ्तारियां भी दी जाएंगी। पठानकोट में भी इसी दिन डीसी कार्यालय के समक्ष प्रदर्शन की तैयारी की जा रही है। इस संबंध में, माकपा कार्यालय गांधी चौक पठानकोट में जन संगठनों की एक बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता कामरेड सुरिंदर सहगल ने की। इसमें कामरेड सुरिंदर सहगल, विजय कुमार, सीटू से बिक्रमजीत अविनाश सैनी, अखिल भारतीय किसान सभा से केवल कालिया और अखिल भारतीय खेत मजदूर यूनियन से सुधा रानी ने भाग लिया। बैठक के फैसलों की जानकारी देते हुए कामरेड सहगल ने बताया कि 10 अगस्त को सुबह 10:30 बजे मलकपुर नहर पुल के पास सभी संगठन एकत्रित होंगे। इसके बाद वे डीसी कार्यालय की ओर मार्च करेंगे। उन्होंने सभी संगठनों से इस आंदोलन में अधिक से अधिक साथियों को शामिल करने की अपील की। उन्होंने बताया कि ट्रेड यूनियनों, किसान संगठनों और खेत मजदूर संगठनों ने दिल्ली में एक बैठक की थी। इसमें यह तय किया गया कि 10 अगस्त को 'अंग्रेजों भारत छोड़ो' आंदोलन की सालगिरह के अवसर पर 'कॉर्पोरेट भारत छोड़ो' आंदोलन शुरू किया जाएगा। फ्री ट्रेड एग्रीमेंट रद्द करने की मांग आंदोलन की मुख्य मांगों में फ्री ट्रेड एग्रीमेंट को रद्द करना शामिल है। कामरेड सहगल ने कहा कि यह एग्रीमेंट अमेरिका के हितों के अनुरूप है, लेकिन भारत के किसानों, मजदूरों, व्यापारियों और दुकानदारों को बर्बाद कर देगा। उन्होंने मजदूर विरोधी लेबर कोड को भी रद्द करने और मजदूर समर्थक श्रम कानून लागू करने की मांग की। अन्य मांगों में मजदूर की दिहाड़ी बढ़ाना और काम के घंटे 8 निर्धारित करना शामिल है, जबकि केंद्र सरकार द्वारा 12 घंटे काम की कड़ी निंदा की गई। इसके अतिरिक्त, मनरेगा (MNREGA) को बहाल करने, मजदूरों और किसानों के कर्ज माफ करने तथा लाल रेखा के अंदर के घरों का मालिकाना हक देने की मांग भी उठाई गई।