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वक्फ-बोर्ड की जमीन का 1.60 करोड़ में सौदा:बिलासपुर में दान में दी गई थी जमीन, 7 लाख एडवांस नहीं लौटाने पर धोखाधड़ी का केस
बिलासपुर में 56 साल पहले वक्फ बोर्ड को दान की जा चुकी जमीन का 1.60 करोड़ रुपए में सौदा कर 7 लाख रुपए एडवांस लेने का मामला सामने आया है। बाद में नजूल रिकॉर्ड की जांच में जिस जमीन को 3120 वर्गफुट बताकर बेचा जा रहा था, उसका वास्तविक रकबा सिर्फ 430 वर्गफुट निकला। इस मामले की शिकायत पर सिटी कोतवाली पुलिस ने दो आरोपियों के खिलाफ जालसाजी और धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस के मुताबिक, खपरगंज के रहने वाले नबी बख्श और मोहम्मद कासिम ने कश्यप कॉलोनी की रहने वाली संजना वर्मा से संपर्क किया। उन्होंने बताया कि खपरगंज नजूल शीट नंबर-33 के प्लॉट नंबर 1/1 और 1/2 में उनकी दादी बसारत बी के नाम 3120 वर्गफुट जमीन पर खपरैलनुमा मकान दर्ज है। दोनों ने संजना को भरोसा दिलाया कि नामांतरण की प्रक्रिया पूरी होने के छह महीने बाद जमीन की रजिस्ट्री कर दी जाएगी। इसके बाद जमीन का सौदा 1.60 करोड़ रुपए में तय हुआ। एग्रीमेंट कर लिए 7 लाख रुपए एडवांस 18 अक्टूबर 2024 को दोनों पक्षों के बीच नोटरी पर इकरारनामा हुआ। संजना वर्मा ने बैंक चेक के जरिए 7 लाख रुपए एडवांस दे दिया। कई महीने बीतने के बाद भी नामांतरण नहीं हुआ तो पीड़िता के पति ने नजूल विभाग में रिकॉर्ड की जांच कराई। जांच में पता चला कि जिस संपत्ति को 3120 वर्गफुट बताया गया था, सरकारी अभिलेखों में उसका वास्तविक रकबा केवल 430 वर्गफुट दर्ज है। 1970 में ही सुभानिया अंजुमन संस्था को दान कर दी थी जमीन जांच के दौरान यह भी सामने आया कि स्वर्गीय बसारत बी ने अपने जीवनकाल में ही 6 जुलाई 1970 को यह संपत्ति सुभानिया अंजुमन संस्था को वक्फनामा के जरिए दान कर दी थी। इसके अलावा 7 जुलाई 2025 को नजूल न्यायालय ने मोहम्मद कासिम के नामांतरण आवेदन को भी खारिज कर दिया था। एडवांस लौटाने के दिए दोनों चेक भी बाउंस धोखाधड़ी का पता चलने के बाद संजना वर्मा ने अपनी एडवांस रकम वापस मांगी। आरोप है कि नबी बख्श ने उन्हें बैंक ऑफ महाराष्ट्र के 1.60 लाख और 3 लाख रुपए के दो चेक दिए, लेकिन खाते में पैसे नहीं होने के कारण दोनों चेक बाउंस हो गए। इसके बाद संजना ने सिटी कोतवाली थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामले में नबी बख्श और मोहम्मद कासिम के खिलाफ बीएनएस की धारा 3(5) और 318(4) के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।