Tuesday, 21 July 2026
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पठानकोट में डैम कर्मचारियों का प्रदर्शन:बोले- लंबित मांगों की हो रही अनदेखी, 25 सालों से अटका है इंसेंटिव; चेतावनी दी

INT News21 July 2026 at 12:51 pm

पठानकोट के शाहपुर कंडी में डैम कर्मचारियों और पेंशनरों ने पंजाब सरकार की नीतियों के विरोध में प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने सरकार से अपनी लंबित मांगों को जल्द पूरा करने की मांग की। कर्मचारियों और पेंशनरों ने कहा कि उनकी कई मांगें लंबे समय से लंबित हैं, जिनमें पिछले 25 वर्षों से बकाया प्रोत्साहन राशि (इंसेंटिव) का भुगतान भी शामिल है। उन्होंने सरकार से इस मुद्दे का शीघ्र समाधान करने की अपील की। विरोध प्रदर्शन में थीन डैम वर्कर्स यूनियन के प्रधान जसवंत संधू, इंटक के जिला प्रधान ज्ञान चंद लूंबा, सीटीयू के प्रदेश सचिव नत्था सिंह टडवाल, हरिंदर सिंह रंधावा, कुलवंत सिंह, सचिव सिंह और विजय शर्मा सहित कई कर्मचारी नेताओं ने हिस्सा लिया। पेंशनरों की लंबित मांगों को जल्द पूरा करने की मांग इस दौरान नेताओं ने पंजाब सरकार की नीतियों पर नाराजगी जताते हुए कर्मचारियों और पेंशनरों की लंबित मांगों को जल्द पूरा करने की मांग की। प्रदर्शन के दौरान वक्ताओं ने आरोप लगाया कि पंजाब सरकार कर्मचारियों और सेवानिवृत्त कर्मचारियों की लंबे समय से लंबित मांगों की अनदेखी कर रही है। वित्तीय देयक अब तक जारी नहीं किए गए उनका कहना था कि कर्मचारियों और पेंशनरों का बकाया महंगाई भत्ता तथा अन्य वित्तीय देयक अब तक जारी नहीं किए गए हैं, जिससे उनमें गहरा असंतोष है। उन्होंने सरकार से सभी लंबित बकायों का जल्द भुगतान करने और कर्मचारियों की मांगों पर शीघ्र निर्णय लेने की मांग की। ये है प्रदर्शनकारियों की लंबित मांगे प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि कर्मचारियों और पेंशनरों का बकाया महंगाई भत्ता (डीए) ब्याज सहित जारी किया जाए। इसके अलावा वर्ष 2004 के बाद भर्ती हुए कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) बहाल करने की भी मांग उठाई गई। उन्होंने डैम परियोजना के कर्मचारियों को हर माह 300 यूनिट मुफ्त बिजली उपलब्ध कराने और भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड (BBMB) की तर्ज पर प्रोत्साहन राशि (इंसेंटिव) देने की मांग भी प्रमुखता से रखी। आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी प्रदर्शनकारी नेताओं ने मांग की कि डैम निर्माण के दौरान जान गंवाने वाले कर्मचारियों के परिवारों के लिए विशेष सुविधाएं और कल्याणकारी योजनाएं लागू की जाएं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने कर्मचारियों और पेंशनरों की लंबित मांगों का जल्द समाधान नहीं किया, तो संयुक्त कर्मचारी संगठन आंदोलन को और तेज करेगा तथा इसके लिए सरकार स्वयं जिम्मेदार होगी।