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कोडरमा सदर अस्पताल में जुड़वा बच्चों के जन्म के बाद महिला की मौत, परिजनों ने इलाज में लापरवाही का लगाया आरोप

INT News21 July 2026 at 06:46 pm

कोडरमा से गौतम राणा की रिपोर्ट

Koderma News: कोडरमा सदर अस्पताल में जुड़वा बच्चों के जन्म के बाद एक महिला की मौत हो जाने से मंगलवार को अस्पताल परिसर में हंगामा मच गया. मृतका के परिजनों ने इलाज में लापरवाही और स्वास्थ्य कर्मियों पर पैसे मांगने का गंभीर आरोप लगाया. घटना के बाद अस्पताल परिसर में काफी देर तक तनावपूर्ण माहौल बना रहा. बाद में सिविल सर्जन और अस्पताल प्रबंधन के हस्तक्षेप के बाद परिजनों को समझाकर मामला शांत कराया गया. वहीं अस्पताल प्रशासन ने इलाज में किसी भी तरह की लापरवाही से इनकार करते हुए सभी आरोपों को बेबुनियाद बताया है.

ऑपरेशन से हुआ जुड़वा बच्चों का जन्म

जानकारी के अनुसार, हजारीबाग जिले के बरकट्ठा थाना क्षेत्र के बेड़ोकला गांव निवासी संजू देवी को प्रसव पीड़ा होने पर सोमवार को कोडरमा सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया था. चिकित्सकों ने जांच के बाद सिजेरियन ऑपरेशन का निर्णय लिया. सोमवार शाम करीब सात बजे ऑपरेशन के माध्यम से महिला ने जुड़वा बच्चों को जन्म दिया. परिजनों के मुताबिक शुरुआत में प्रसव सफल रहा, लेकिन इसके कुछ समय बाद महिला की तबीयत बिगड़ने लगी. उन्होंने आरोप लगाया कि ऑपरेशन के बाद महिला के टांके वाले स्थान से लगातार रक्तस्राव होने लगा.

स्वास्थ्य कर्मियों पर पैसे मांगने का आरोप

मृतका के परिजनों ने आरोप लगाया कि जुड़वा बच्चों के जन्म के बाद अस्पताल के कुछ स्वास्थ्य कर्मियों ने उनसे 1100 रुपये की मांग की. परिजनों का कहना है कि जब उन्होंने कम राशि दी तो कथित तौर पर स्वास्थ्य कर्मियों ने पैसे फेंक दिए. परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि पूरी रात महिला की हालत लगातार बिगड़ती रही. उन्होंने कई बार अस्पताल कर्मियों को रक्तस्राव की जानकारी दी, लेकिन किसी ने गंभीरता से ध्यान नहीं दिया. उनका कहना है कि यदि समय पर उचित इलाज मिलता तो महिला की जान बचाई जा सकती थी.

सुबह चार बजे हुई महिला की मौत

परिजनों के अनुसार, लगातार रक्तस्राव और समय पर इलाज नहीं मिलने के कारण मंगलवार सुबह करीब चार बजे महिला की मौत हो गई. महिला की मौत की खबर मिलते ही परिजन आक्रोशित हो गए और अस्पताल परिसर में हंगामा शुरू कर दिया. उन्होंने दोषी चिकित्सकों और स्वास्थ्य कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की. घटना की सूचना मिलने के बाद अस्पताल प्रशासन और पुलिस मौके पर पहुंची. काफी देर तक समझाने-बुझाने के बाद परिजन शांत हुए.

अस्पताल प्रशासन ने आरोपों को बताया निराधार

घटना के बाद सिविल सर्जन डॉ. अनिल कुमार और अस्पताल उपाधीक्षक डॉ. रंजीत कुमार ने परिजनों से बातचीत कर स्थिति को शांत कराया. अस्पताल उपाधीक्षक डॉ. रंजीत कुमार ने परिजनों के आरोपों को पूरी तरह बेबुनियाद बताया. उन्होंने कहा कि महिला की स्थिति ऑपरेशन से पहले ही गंभीर थी और इस बारे में परिजनों को पहले ही अवगत करा दिया गया था.

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मरीज को रेफर करने की दी गई थी सलाह

डॉ. रंजीत कुमार के अनुसार, महिला की गंभीर स्थिति को देखते हुए परिजनों को उसे बेहतर इलाज के लिए बाहर ले जाने की सलाह दी गई थी, लेकिन वे इसके लिए तैयार नहीं हुए. इसके बाद परिजनों की सहमति से सिजेरियन ऑपरेशन कर जुड़वा बच्चों का सुरक्षित जन्म कराया गया. उन्होंने बताया कि ऑपरेशन के बाद भी मरीज की हालत गंभीर बनी रही. चिकित्सकों ने दोबारा उसे हजारीबाग मेडिकल कॉलेज रेफर करने की सलाह दी थी. फिलहाल अस्पताल प्रशासन पूरे मामले को चिकित्सकीय दृष्टि से देख रहा है, जबकि परिजन इलाज में लापरवाही और पैसे मांगने के आरोपों की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं.

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