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शरद पवार का अगला कदम क्या होगा? सीएम फडणवीस संग देर रात हुई NCP नेताओं की बैठक

मंगलवार (14 जुलाई) देर रात एनसीपी के दोनों गुटों के वरिष्ठ नेताओं ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से अलग-अलग बैठक की. इसके बाद शरद पवार के अगले सियासी कदम को लेकर अटकलें फिर तेज हो गईं. द इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, एनसीपी (शरद पवार गुट) के प्रदेश अध्यक्ष जयंत पाटिल ने पहले दक्षिण मुंबई स्थित शरद पवार के आवास 'सिल्वर ओक' पर उनसे मुलाकात की. इसके बाद शाम को उन्होंने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से भी मुलाकात की. वहीं, सत्तारूढ़ एनसीपी (अजित पवार गुट) के नेता सुनील तटकरे और प्रफुल्ल पटेल ने भी अलग से मुख्यमंत्री से बैठक की.
बैठक में क्या चर्चा हुई, इस पर न तो नेताओं ने कुछ कहा और न ही मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से कोई जानकारी दी गई. सत्तारूढ़ एनसीपी और एनसीपी (एसपी) के सूत्रों का भी कहना है कि उन्हें बैठक का एजेंडा क्या था, इसकी जानकारी नहीं है.
शरद गुट के विधायक शामिल होना चाहते हैं एनडीए में
ये बैठकें ऐसे समय हुई हैं, जब शरद पवार की अगुवाई वाली एनसीपी (एसपी) जुलाई 2023 में अजित पवार की बगावत के बाद सबसे बड़े राजनीतिक फैसले के दौर से गुजर रही है. अजित पवार पार्टी तोड़कर बीजेपी के नेतृत्व वाले महायुति गठबंधन में शामिल हो गए थे. अब पार्टी के भीतर भी अलग-अलग राय सामने आ रही है. सूत्रों के मुताबिक, एनसीपी (एसपी) के 10 में से कम से कम आधे विधायक एनडीए में शामिल होने के पक्ष में हैं. उनका मानना है कि विपक्ष में रहने से अपने क्षेत्रों के लिए विकास कार्यों का पैसा और सरकारी मंजूरी दिलाना लगातार मुश्किल होता जा रहा है.
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हाल ही में जयंत पाटिल ने भी पार्टी विधायकों से कहा था कि बड़ी संख्या में विधायक एनडीए के साथ जाने के पक्ष में हैं. हालांकि, शरद पवार ने अब तक इस मुद्दे पर कोई सार्वजनिक बयान नहीं दिया है. उन्होंने चुप्पी साध रखी है और पार्टी आगे क्या फैसला करेगी, इसका भी कोई संकेत नहीं दिया है.
कितने विधायक और सांसद हैं शदर पवार की पार्टी में?
महाराष्ट्र की छह प्रमुख पार्टियों में शरद पवार की एनसीपी (एसपी) सबसे छोटी पार्टी है. उसके पास विधानसभा में 10 विधायक और लोकसभा में 8 सांसद हैं. इसके बावजूद उसकी अहमियत बढ़ गई है. वजह यह है कि बीजेपी के नेतृत्व वाला एनडीए आने वाले समय में परिसीमन (डिलिमिटेशन) विधेयक जैसे अहम कानूनों के लिए संसद में अपनी संख्या मजबूत करना चाहता है. ऐसे में पार्टी नेताओं का मानना है कि एनडीए, एनसीपी (एसपी) जैसी छोटी पार्टियों का समर्थन लेने के लिए तैयार हो सकता है.