समाचार · मध्य प्रदेश
इंदिरा एकादशी पर खाटूश्याम बाबा को फूलों से सजाया:पितरों की आत्मा की शांति के लिए व्रत; सुबह से रात तक भजन-कीर्तन गूंजे
बड़वानी के प्रसिद्ध श्री खाटूश्याम मंदिर में इंदिरा एकादशी का पर्व श्रद्धा और भक्तिभाव के साथ मनाया गया। अलसुबह से मंदिर में श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला शुरू हुआ, जो देर रात तक जारी रहा। दिनभर मंदिर परिसर श्याम बाबा के जयकारों, भजन-कीर्तन और धार्मिक आयोजनों से भक्तिमय रहा। अलसुबह पूजन के बाद किया बाबा का श्रृंगार सुबह 5 बजे पंडित बसंत शर्मा ने श्याम बाबा, पशुपतिनाथ महादेव, श्री सालासर बालाजी, श्रीराम और श्रीकृष्ण दरबार का विधिवत पूजन कराया। इसके बाद सेवादारों ने फूलों से देवी-देवताओं का श्रृंगार किया। श्याम बाबा को सुंदर बागा, स्वर्ण रंग का मुकुट, कुंडल और छत्र से सजाया गया। सुबह से रात तक हुई आरतियां सुबह 7:30 बजे मंगला आरती हुई। इसके बाद 11:30 बजे सैकड़ों श्रद्धालुओं की मौजूदगी में संगीतमय भोग आरती कर बाबा को भोग लगाया गया। शाम 7 बजे हजारों श्रद्धालुओं की मौजूदगी में संगीतमय महाआरती हुई। इसके बाद मंदिर परिसर में दिव्य ज्योत प्रज्वलित की गई, जिसमें भक्तों ने आहुतियां देकर परिवार की सुख-समृद्धि और मनोकामना की प्रार्थना की। रात 11 बजे शयन आरती के साथ आयोजन संपन्न हुआ। भजनों पर झूमे श्रद्धालु, लगाई अर्जी दिनभर बड़ी संख्या में माता-बहनों ने भजनों पर झूमते हुए बाबा के प्रति अपनी श्रद्धा अर्पित की। कई श्रद्धालुओं ने मनोकामना पूर्ण होने की प्रार्थना करते हुए बाबा के दरबार में अर्जी लगाई। शाम की महाआरती के बाद श्री श्याम प्रसादी ग्रुप की ओर से फलाहारी मिक्चर की प्रसादी बांटी गई। मंदिर समिति ने भी दिनभर श्रद्धालुओं को फल, फ्रूट और पंचमेवा सहित विभिन्न प्रसाद वितरित किए। पितरों की शांति के लिए विशेष महत्व अश्विन मास के कृष्ण पक्ष में आने वाली इंदिरा एकादशी का श्राद्ध पक्ष में विशेष धार्मिक महत्व माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन व्रत, पूजन, तर्पण और दान करने से पितरों का आशीर्वाद प्राप्त होता है। श्रद्धालु पूर्वजों के निमित्त पूजा-अर्चना कर परिवार की सुख-समृद्धि और मंगल की कामना करते हैं।