Thursday, 17 September 2026
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एमजेएस कॉलेज में प्राचार्य के खिलाफ एबीवीपी का प्रदर्शन:धरने पर बैठे छात्र, प्राचार्य पर वित्तीय अनियमितताओं के आरोप; जांच और कार्रवाई की मांग

INT News17 September 2026 at 02:54 pm

भिंड के शासकीय एमजेएस महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. राम अवधेश शर्मा के खिलाफ अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) ने मोर्चा खोल दिया है। गुरुवार सुबह 10.30 बजे से एबीवीपी कार्यकर्ता कॉलेज परिसर में धरने पर बैठे हैं। कार्यकर्ताओं ने प्राचार्य के खिलाफ नारेबाजी करते हुए कॉलेज में वित्तीय अनियमितताओं के आरोप लगाए हैं। एबीवीपी नेताओं ने बस संचालन, स्टेशनरी खरीदी, खेल मद, विकास और मरम्मत कार्य समेत कई मदों में नियमों का पालन नहीं करने का आरोप लगाया है। परिषद ने इन मामलों की विभागीय जांच कर दोषी पाए जाने पर कार्रवाई की मांग की है। बस की निविदा से स्टेशनरी खरीदी तक पर सवाल एबीवीपी नेता सुमित दीक्षित और रिषेंद्र सिंह राजावत ने आरोप लगाया कि सत्र 2024-25 में कॉलेज बस संचालन के लिए 4 हजार रुपए प्रतिदिन की दर से निविदा स्वीकृत की गई थी। परिषद का दावा है कि अगले सत्र में इसी बस के लिए 3400 रुपए प्रतिदिन की दर से भुगतान किया गया। एबीवीपी ने इस अंतर को वित्तीय प्रक्रिया में अनियमितता बताते हुए जांच की मांग की है। ज्ञापन में बताया गया कि सितंबर 2025 में स्टेशनरी खरीदी के लिए निविदा प्रक्रिया शुरू की गई थी, लेकिन बाद में इसे निरस्त कर दिया गया। इसके बाद एक निजी फर्म से लाखों रुपए की स्टेशनरी खरीदे जाने का आरोप लगाया गया। परिषद का कहना है कि इस खरीद में भंडार क्रय नियमों का पालन नहीं किया गया। कलेक्टर की अनुमति के बिना खरीदी का आरोप एबीवीपी के ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि तत्कालीन कलेक्टर के स्थानांतरण के बाद करीब 5 लाख रुपए की विभिन्न सामग्री खरीदी गई। परिषद का दावा है कि यह खरीदी वर्तमान पदेन जनभागीदारी अध्यक्ष की अनुमति के बिना की गई। एबीवीपी ने इस मामले के दस्तावेजों की जांच कराने की मांग की है। खेल मद के 8.62 लाख रुपए पर भी सवाल परिषद ने वर्ष 2024-25 में खेल मद से 8.62 लाख रुपए विभिन्न चेकों के जरिए निजी खातों में भुगतान किए जाने का आरोप लगाया है। एबीवीपी ने इसे नियमों के विपरीत बताते हुए भुगतान से जुड़े दस्तावेजों की जांच की मांग की है। वहीं पीएम श्री महाविद्यालय के विकास और मरम्मत कार्य के लिए मिली 40 लाख रुपए की राशि के उपयोग को लेकर भी परिषद ने सवाल उठाए हैं। एबीवीपी ने राशि के खर्च और उससे कराए गए कामों की जांच की मांग की है। पेड़ कटवाने और लकड़ी बेचने का भी आरोप ज्ञापन में कॉलेज परिसर में लगे पेड़ों को सक्षम अधिकारी की अनुमति के बिना कटवाने का आरोप भी लगाया गया है। परिषद का दावा है कि करीब 25 क्विंटल लकड़ी बेच दी गई, लेकिन इसकी राशि कॉलेज के कोष में जमा होने का रिकॉर्ड नहीं है। एबीवीपी ने इस मामले में भी जांच की मांग की है। इसके अलावा पुस्तकालय विकास के लिए मिली 14 लाख रुपए और प्रयोगशाला उन्नयन के लिए मिली 15 लाख रुपए की राशि से जुड़ी निविदा प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए गए हैं। परिषद का आरोप है कि प्रक्रिया पूरी नहीं होने के कारण विद्यार्थियों को इन योजनाओं का पूरा लाभ नहीं मिल पाया। उच्च शिक्षा मंत्री को भेजा ज्ञापन एबीवीपी ने उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार को ज्ञापन भेजकर प्राचार्य डॉ. राम अवधेश शर्मा को निलंबित करने और पूरे मामले की विभागीय जांच कराने की मांग की है। परिषद ने कहा है कि जांच में आरोप सही पाए जाने पर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। धरने पर बैठे कार्यकर्ताओं ने मांगों पर कार्रवाई नहीं होने पर आंदोलन को आगे बढ़ाने की चेतावनी दी है।