समाचार · मध्य प्रदेश
सीपीसीटी और समान कार्य वेतन की मांग को लेकर प्रदर्शन:मंत्रालय के सामने मुंडन कराकर विरोध जताया नौकरी से निकाले गए कर्मचारियों ने
अनुकम्पा नियुक्ति में सीपीसीटी की अनिवार्यता लागू कर 1000 से अधिक युवाओं को सेवा से हटाए जाने के खिलाफ मप्र लिपिक वर्ग कर्मचारी संघ ने आज मंत्रालय के सामने प्रदर्शन किया। इसके साथ ही उनके द्वारा समान कार्य समान वेतन की मांग भी सरकार से की गई है। दूसरी ओर एमपी तृतीय वर्ग कर्मचारी संघ 18 अगस्त को एमपी के सभी जिलों और मंंत्रालय के सामने प्रदर्शन करेगा। लिपिक वर्गीय शासकीय कर्मचारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष मुकेश चतुर्वेदी ने बताया कि लिपिकों की प्रमुख मांग सुरक्षित अनुकम्पा नियुक्ति और मंत्रालय के समान वेतनमान, ग्रेड पे दिए जाने की है। सीपीसीटी के कारण सेवा से हटाए गए लिपिकों के मामले में महाशोक सभा कर मृत कर्मचारियों के आश्रितों द्वारा आज मुंडन कराया गया है। चतुर्वेदी ने कहा कि समान कार्य करने वाले मंत्रालय, विधि और विधायी तथा राजभवन के दफ्तर के लिपिकों को उन्नत लाभ मिल रहा है जबकि विभागाध्यक्ष कार्यालयों के लिपिक इससे वंचित हैं। इसके विरोध में आज आंदोलन किया गया। तृतीय वर्ग कर्मचारी संघ 18 अगस्त को करेगा पांच मांगों को लेकर प्रदर्शन उधर तृतीय वर्ग कर्मचारी संघ मप्र के महामंत्री उमाशंकर तिवारी ने बताया कि अखिल भारतीय सेवाओं के अधिकारियों की तरह प्रदेश में कार्यरत एवं सेवानिवृत्ति कर्मचारीयों को महंगाई का सामना करने के लिए 2% महंगाई भत्ता, महंगाई राहत 1 जनवरी 2026 से दी जाना चाहिए। इसके सात ही नवनियुक्त कर्मचारियों को 3 वर्ष तक 70, 80, 90% वेतन देने का हटाया जाए। उन्होंने कहा कि संघ की मांग यह भी है कि अनुकंपा नियुक्ति में सीपीसीटी की बाध्यता समाप्त की जाए और कैशलेस स्वास्थ्य बीमा योजना लागू करने, ई-अटेंडेंस समाप्ति के लिए सरकार फैसला। इसको लेकर संघ के प्रदेश अध्यक्ष अतुल मिश्रा के नेतृत्व प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों के साथ भोपाल में 18 अगस्त को मंत्रालय के समक्ष प्रदर्शन किया जाएगा। इसकी तैयारी को लेकर भोपाल जिला अध्यक्ष मोहम्मद सलीम द्वारा बैठक बुलाई गई। इसमें आंदोलन को सफल बनाने की रणनीति बनाई गई।