Monday, 10 August 2026
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11 से 13 अगस्त तक बिजली कर्मचारियों की हड़ताल:गुरुग्राम में बिजली-पानी संकट गहराने की आशंका, सरपंचों ने भी समर्थन का किया दावा

INT News10 August 2026 at 03:49 pm

गुरुग्राम जिले के सोहना में बिजली कर्मचारियों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर 11 से 13 अगस्त तक 3 दिवसीय हड़ताल का ऐलान किया है। हरियाणा बिजली कर्मचारी एवं उपभोक्ता संघर्ष समिति के तत्वावधान में होने वाली इस हड़ताल से बिजली आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका है। इसका सीधा असर पेयजल व्यवस्था पर भी पड़ सकता है, क्योंकि कई जगह पानी की सप्लाई बिजली से चलने वाले नलकूप और अन्य व्यवस्थाओं पर निर्भर है। ऐसे में घरों, दुकानों, उद्योगों और सरकारी संस्थानों के साथ-साथ लोगों को पानी की समस्या का भी सामना करना पड़ सकता है। कर्मचारी नेताओं का कहना है कि वे लंबे समय से अपनी मांगों को सरकार और विभाग के अधिकारियों के सामने रखते आ रहे हैं, लेकिन अब तक इनका समाधान नहीं हुआ है। इसी के विरोध में कर्मचारियों ने तीन दिनों तक काम बंद रखने का फैसला किया है। यूनियन नेताओं ने चेतावनी दी है कि हड़ताल के दौरान यदि किसी क्षेत्र में बिजली आपूर्ति बाधित होती है या अंधेरा छाता है तो इसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार की होगी। कर्मचारी नेताओं प्रेमपाल और उस्मान के अनुसार कर्मचारियों की तीन प्रमुख मांगें लंबे समय से लंबित हैं और इनको लेकर पहले भी सरकार व विभाग के अधिकारियों से बातचीत की जा चुकी है। सरकार पर मांगों की अनदेखी का आरोप कर्मचारी नेताओं का कहना है कि उन्होंने कई बार सरकार को अपनी समस्याओं से अवगत कराया, लेकिन अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई। उनका आरोप है कि मांगों का समाधान नहीं होने के कारण कर्मचारियों को हड़ताल का रास्ता अपनाना पड़ा है। नेताओं ने कहा कि कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन कर रहे हैं और सरकार से हड़ताल शुरू होने से पहले बातचीत कर समाधान निकालने की मांग कर रहे हैं। सरपंचों के समर्थन का दावा कर्मचारी नेताओं के अनुसार इस बार आंदोलन को ग्रामीण स्तर पर भी समर्थन मिल रहा है। क्षेत्र के कई सरपंचों के हड़ताल में कर्मचारियों के साथ खड़े होने का दावा किया गया है। नेताओं का कहना है कि बिजली व्यवस्था का सीधा संबंध गांवों की पेयजल व्यवस्था, सिंचाई और दूसरी जरूरी सेवाओं से है। इसलिए कर्मचारियों की मांगों का समाधान केवल कर्मचारियों के हित में ही नहीं, बल्कि आम उपभोक्ताओं के लिए भी जरूरी है। स्मार्ट मीटर योजना पर सवाल कर्मचारी नेताओं ने सरकार की प्रस्तावित स्मार्ट मीटर योजना को लेकर भी आपत्ति जताई है। उनका कहना है कि सरकार जल्द ही स्मार्ट मीटर लगाने की दिशा में आगे बढ़ रही है। यूनियन का कहना है कि नई व्यवस्था लागू करने से पहले कर्मचारियों और उपभोक्ताओं की चिंताओं को दूर किया जाना चाहिए। नेताओं ने आरोप लगाया कि तकनीकी बदलाव के नाम पर लिए जा रहे फैसलों का असर कर्मचारियों और आम उपभोक्ताओं पर पड़ सकता है। गुरुग्राम-नूंह में निजीकरण का विरोध कर्मचारी नेताओं ने गुरुग्राम और नूंह क्षेत्र में बिजली व्यवस्था के निजीकरण के मुद्दे पर भी सरकार को घेरा है। उनका आरोप है कि सरकार बिजली क्षेत्र को निजी हाथों में सौंपने की दिशा में आगे बढ़ रही है। यूनियन नेताओं ने निजीकरण की प्रक्रिया रोकने और कर्मचारियों की लंबित मांगों पर तत्काल बातचीत शुरू करने की मांग की है। उनका कहना है कि बिजली जैसी आवश्यक सेवा का निजीकरण कर्मचारियों के साथ-साथ आम उपभोक्ताओं के लिए भी चिंता का विषय है। बिजली के साथ पानी पर भी पड़ सकता है असर 11 से 13 अगस्त तक चलने वाली हड़ताल के दौरान यदि बिजली आपूर्ति प्रभावित होती है तो इसका असर पेयजल आपूर्ति पर भी पड़ सकता है। बिजली से चलने वाले नलकूप और जलापूर्ति की अन्य व्यवस्थाएं प्रभावित होने पर लोगों को पानी की गंभीर समस्या का सामना करना पड़ सकता है। इससे घरों के अलावा दुकानों, उद्योगों और सरकारी संस्थानों की व्यवस्था भी प्रभावित होने की आशंका है। कर्मचारी नेताओं ने सरकार से अपील की है कि हड़ताल शुरू होने से पहले कर्मचारियों के साथ बातचीत कर उनकी लंबित मांगों का समाधान किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया है कि यदि सरकार ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया तो कर्मचारी 11 से 13 अगस्त तक निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार हड़ताल पर रहेंगे। फिलहाल प्रस्तावित हड़ताल को लेकर क्षेत्र के लोगों में चिंता बनी हुई है और सभी की नजर बिजली आपूर्ति की स्थिति पर है।