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राशन कार्ड है, फिर भी 3 साल से अनाज नहीं! ग्रामीणों ने डीसी से लगायी गुहार

बड़ाबांबो: खूंटपानी प्रखंड के ऊपर लोटा गांव के राशन लाभुकों ने वर्ष 2023 से सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के तहत राशन नहीं मिलने का आरोप लगाया है. राशन की मांग को लेकर ग्रामीण सोमवार, 21 सितंबर को जिला मुख्यालय चाईबासा पहुंचे और उपायुक्त से मुलाकात कर मामले में कार्रवाई तथा बकाया राशन उपलब्ध कराने की मांग की. ग्रामीणों का कहना है कि राशन नहीं मिलने की शिकायत को लेकर वे लगातार आवेदन देते रहे हैं, लेकिन अब तक समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सका है.
ग्रामीणों के अनुसार, उपायुक्त से मिलने के लिए उन्होंने पहले समय लिया था. निर्धारित समय पर उपायुक्त कार्यालय में उपलब्ध नहीं थे, जिसके कारण ग्रामीणों को काफी देर तक इंतजार करना पड़ा. बाद में मुलाकात होने पर उन्होंने वर्ष 2023 से लंबित राशन उपलब्ध कराने, बकाया खाद्यान्न के साथ मुआवजा देने की मांग रखी.
फिलहाल दूसरे डीलर से टैग कर राशन देने का आश्वासन
मुलाकात के दौरान प्रशासन की ओर से लाभुकों को फिलहाल नजदीकी दूसरे डीलर से टैग कर राशन उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया गया. हालांकि, पिछले वर्षों के बकाया राशन और मुआवजे के संबंध में स्पष्ट जानकारी नहीं मिलने की बात ग्रामीणों ने कही. ग्रामीणों के साथ पहुंचे सामाजिक कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि लंबे समय से राशन से वंचित लाभुकों को तत्काल राहत देने के बजाय मामले में अलग-अलग आश्वासन दिये जाते रहे हैं.
ग्रामीणों ने मांग की कि राशन कार्ड, लाभुकों की सूची, डीलर स्तर पर वितरण का रिकॉर्ड और संबंधित अवधि के ई-पॉस रिकॉर्ड की जांच कर वास्तविक स्थिति सामने लायी जाये. यदि जांच में अनियमितता सामने आती है, तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाये.
विधायक भी पहुंचे उपायुक्त कार्यालय
ग्रामीणों का कहना है कि खाद्य सुरक्षा व्यवस्था का उद्देश्य पात्र परिवारों को नियमित खाद्यान्न उपलब्ध कराना है. ऐसे में किसी लाभुक को लंबे समय तक राशन नहीं मिलने के मामले की जांच कर जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए. उन्होंने प्रशासन से गांव स्तर पर ही शिकायतों का समाधान सुनिश्चित करने की मांग की, ताकि गरीब परिवारों को बार-बार जिला मुख्यालय का चक्कर नहीं लगाना पड़े.
इधर, ग्रामीणों की शिकायत की जानकारी मिलने पर खरसावां विधायक दशरथ गागराई भी उपायुक्त कार्यालय पहुंचे. उन्होंने उपायुक्त से मुलाकात कर समस्या का जल्द समाधान करने तथा पूरे मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने का निर्देश दिया. अब ग्रामीणों की नजर प्रशासन की अगली कार्रवाई पर है कि उन्हें बकाया राशन कब तक उपलब्ध कराया जाता है और मामले में जिम्मेदारी किसकी तय होती है.