समाचार · मध्य प्रदेश
शिक्षकों ने सामूहिक उपवास के बाद अधिकार सम्मान रैली निकाली:खंडवा में TET से छूट और पुरानी पेंशन बहाली की मांग
शिक्षकों की लंबित मांगों के निराकरण की मांग को लेकर आजाद अध्यापक शिक्षक संघ की जिला इकाई ने रविवार को सामूहिक उपवास किया। संघ के प्रांतीय आह्वान पर गुरु गोविंद सिंह स्टेडियम में दोपहर 12 बजे से कार्यक्रम हुआ। इसमें जिलेभर से बड़ी संख्या में अध्यापक-शिक्षक शामिल हुए। उपवास के बाद शिक्षकों ने ‘शिक्षक अधिकार सम्मान रैली’ निकाली। रैली के बाद जिलाध्यक्ष शिवनाथ प्रसाद मिश्र के नेतृत्व में शिक्षकों ने मुख्यमंत्री के नाम कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। संघ ने कहा कि मांगों को लेकर शासन का कई बार ध्यान दिलाया जा चुका है, लेकिन अब तक अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई है। TET से छूट और पुरानी पेंशन की मांग शिक्षकों ने सेवारत शिक्षकों को TET की अनिवार्यता से मुक्त करने की मांग की। संघ का कहना है कि वर्षों से सेवा दे रहे अनुभवी शिक्षकों पर नई पात्रता परीक्षा लागू करना उचित नहीं है। शिक्षकों ने प्रथम नियुक्ति की तारीख से सेवा अवधि की गणना करने की मांग भी की। संघ के अनुसार इसके आधार पर पेंशन, ग्रेच्युटी और अर्जित अवकाश के पैसे का लाभ दिया जाना चाहिए। ज्ञापन में पुरानी पेंशन योजना बहाल करने की मांग भी रखी गई। शिक्षकों ने इसे सामाजिक सुरक्षा के लिए जरूरी बताया। ई-अटेंडेंस खत्म करने की मांग शिक्षकों ने ई-अटेंडेंस व्यवस्था को अव्यावहारिक बताते हुए इसे खत्म करने की मांग की। संघ के अनुसार ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में काम करने वाले शिक्षकों को स्थानीय परिस्थितियों के कारण कई व्यावहारिक परेशानियां होती हैं। ऐसे में शिक्षक हित को ध्यान में रखते हुए दूसरी व्यवस्था लागू की जानी चाहिए। इसके अलावा सितंबर 2022 की हड़ताल अवधि का लंबित वेतन और भुगतान जारी करने की मांग की गई। लंबित क्रमोन्नति और समयमान वेतनमान के आदेश जल्द जारी करने तथा मिसिंग NPS कटौती राशि को संबंधित शिक्षकों के खातों में समायोजित करने की मांग भी ज्ञापन में शामिल रही। मांगें पूरी नहीं हुईं तो आंदोलन तेज करने की चेतावनी जिलाध्यक्ष शिवनाथ प्रसाद मिश्र ने कहा कि संघ की सभी मांगें लंबे समय से लंबित हैं। शासन से मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार कर जल्द सकारात्मक निर्णय लेने की अपेक्षा है। उन्होंने कहा कि मांगों का निराकरण होने से शिक्षक सम्मानपूर्वक अपने दायित्वों का निर्वहन कर सकेंगे। संघ ने चेतावनी दी कि मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो प्रांतीय निर्देशानुसार आंदोलन के अगले चरण को और तेज किया जाएगा।