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Video : सैटेलाइट में कैद हुआ अर्नब का खौफनाक रूप, देखिए आंध्र प्रदेश के तट से कैसे टकराया तूफान

INT News28 October 2026 at 09:49 pm

चक्रवात अर्नब ने बुधवार सुबह आंध्र प्रदेश और यनम के तट पर लैंडफॉल किया. तूफान के दौरान हवा की रफ्तार 135 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच गई, जबकि इस दौरान झोंके 150 किलोमीटर प्रति घंटे तक दर्ज किए गए. आईएमडी के मुताबिक, करीब 1:20 बजे शुरू हुई लैंडफॉल की प्रक्रिया सुबह 8 बजे खत्म हुई. इसके बाद यह कमजोर होकर गंभीर चक्रवाती तूफान में बदल गया. हालांकि, भारी बारिश और तेज हवाओं का खतरा अभी बना हुआ है.

सैटेलाइट तस्वीरों में दिखा विशाल बादलों का घेरा

चक्रवात अर्नब की ताकत और उसके फैलाव को भारतीय मौसम उपग्रह इनसैट-3डीएस की तस्वीरों में देखा गया. बुधवार सुबह ली गई थर्मल इंफ्रारेड इमेज में तूफान के चारों ओर फैले घने बादल और उनकी घुमावदार पट्टियां दिखाई दीं. इसका बादल वाला हिस्सा पूर्वी और दक्षिणी भारत के कुछ क्षेत्रों के साथ बंगाल की खाड़ी तक फैला हुआ नजर आया.

तस्वीरों में चमकीले सफेद बादल दिखाई दे रहे हैं. जो ऊंचाई पर मौजूद ठंडे बादलों के ऊपरी हिस्सों को दर्शाता है. ऐसे बादल अक्सर तेज संवहन और शक्तिशाली गरज-चमक वाले तूफानों से जुड़े होते हैं. बादलों की घुमावदार पट्टियां तूफान के आसपास हवा के घूमने और नमी के उसके केंद्र की ओर बढ़ने का संकेत देती हैं.

कहां और कब टकराया चक्रवात अर्नब?

भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के मुताबिक, चक्रवात अर्नब ने 28 अक्टूबर की सुबह आंध्र प्रदेश और यनम के तट को पार किया. लैंडफॉल की प्रक्रिया सुबह 1:20 बजे से 8 बजे के बीच पूरी हुई. तूफान का केंद्र नरसापुर से लगभग 20 किलोमीटर पूर्व-उत्तर-पूर्व, यनम से 40 किलोमीटर दक्षिण-पश्चिम और काकीनाडा से करीब 60 किलोमीटर दक्षिण-पश्चिम में था. इस दौरान तूफान की अधिकतम लगातार हवा की रफ्तार 125 से 135 किलोमीटर प्रति घंटे रही, जबकि हवा के झोंके 150 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचे.

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लैंडफॉल के बाद भी क्यों बना हुआ है खतरा?

चक्रवात के तट से टकराने के बाद उसका कमजोर होना सामान्य प्रक्रिया है. समुद्र से मिलने वाली ऊर्जा कम होने और जमीन पर घर्षण बढ़ने के कारण तूफान की ताकत धीरे-धीरे घटती है. लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि खतरा तुरंत खत्म हो जाता है. चक्रवात के साथ आने वाली बारिश और तेज हवाएं तटीय इलाकों के अलावा अंदरूनी क्षेत्रों को भी प्रभावित कर सकती हैं. लगातार बारिश से निचले इलाकों में पानी भरने, अचानक बाढ़ आने और सड़क यातायात बाधित होने का खतरा रहता है. तेज हवाओं के कारण पेड़ गिर सकते हैं और बिजली की लाइनों को नुकसान पहुंच सकता है.

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अब किस बात पर रहेगी मौसम विभाग की नजर?

चक्रवात अर्नब के आगे बढ़ने की दिशा, उसकी रफ्तार और उससे जुड़े बादलों की स्थिति पर मौसम विभाग की नजर बनी रहेगी. आईएमडी के अनुसार, तूफान के उत्तर-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ने और धीरे-धीरे कमजोर होने की संभावना है. आंध्र प्रदेश, यनम और आसपास के क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को मौसम विभाग की ताजा चेतावनियों पर ध्यान देना चाहिए.