समाचार · मध्य प्रदेश
ABVP ने कॉलेज बदहाली पर किया प्रदर्शन:17 सूत्रीय मांगों को लेकर शाजापुर कलेक्टोरेट पहुंची विद्यार्थी परिषद
शाजापुर जिले के शासकीय महाविद्यालयों में मूलभूत सुविधाओं की कमी को लेकर ABVP ने गुरुवार को प्रदर्शन किया। परिषद के कार्यकर्ता और पदाधिकारी पंडित बालकृष्ण शर्मा नवीन महाविद्यालय में एकत्रित हुए और दोपहर करीब 3 बजे पैदल मार्च करते हुए कलेक्टर कार्यालय पहुंचे। उन्होंने उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार के नाम शाजापुर एसडीएम मनीषा वास्कले को 17 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में परिषद ने बताया कि शासकीय महाविद्यालय विद्यार्थियों के शैक्षणिक और व्यक्तित्व विकास के महत्वपूर्ण केंद्र हैं। हालांकि, कई कॉलेजों में आवश्यक सुविधाओं के अभाव के कारण विद्यार्थियों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। परिषद ने इन समस्याओं के तत्काल निराकरण की मांग की। परिषद ने कॉलेजों में पर्याप्त और स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने,खराब वाटर कूलर और आरओ मशीनों की मरम्मत करने की मांग की। इसके अतिरिक्त,छात्र-छात्राओं के लिए स्वच्छ एवं पर्याप्त शौचालय,छात्राओं के लिए सेनेटरी नैपकिन वेंडिंग और डिस्पोजल की व्यवस्था सुनिश्चित करने की भी मांग की गई। कक्षाओं और पुस्तकालयों को बेहतर बनाने पर भी जोर दिया गया। इसमें पर्याप्त बेंच-डेस्क, पंखे, प्रकाश व्यवस्था, खिड़कियां और उचित विद्युत व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग शामिल थी। पुस्तकालयों में पर्याप्त पाठ्यक्रम और प्रतियोगी परीक्षाओं की किताबें, समाचार-पत्र, बैठने की उचित व्यवस्था और ई-लाइब्रेरी की सुविधा उपलब्ध कराने की भी मांग रखी गई। अन्य मांगों में प्रयोगशालाओं का उन्नयन,खेल मैदान एवं खेल सामग्री की उपलब्धता, स्वच्छता और हरित परिसर का निर्माण,बैठने के लिए बेंच व शेड, सुरक्षा व्यवस्था और सीसीटीवी कैमरे लगाना शामिल था।सुरक्षित वाहन पार्किंग,इंटरनेट व वाई-फाई सुविधा,दिव्यांग विद्यार्थियों के लिए रैंप, प्राथमिक उपचार केंद्र और विद्यार्थी सहायता केंद्र स्थापित करने की भी मांग की गई। परिषद ने छात्राओं के लिए कॉमन रूम,सभी शासकीय महाविद्यालयों में रियायती दरों पर गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने के लिए कैंटीन शुरू करने तथा विवेकानंद करियर गाइडेंस सेल को पूर्ण क्षमता के साथ पुनः सक्रिय करने की मांग भी ज्ञापन में शामिल की। ABVP ने कहा कि विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ-साथ बेहतर शैक्षणिक वातावरण और मूलभूत सुविधाएं मिलना भी आवश्यक है।परिषद ने अपनी मांगों पर प्राथमिकता से कार्रवाई करते हुए आवश्यक बजट और उच्चस्तरीय स्वीकृति के प्रस्ताव भेजने तथा की गई कार्रवाई से विद्यार्थी प्रतिनिधियों को अवगत कराने की मांग की।