Tuesday, 14 July 2026
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ममता बनर्जी की फायरब्रांड सांसद महुआ मोईत्रा को सता रहा गिरफ्तारी का डर, कलकत्ता हाईकोर्ट से की ये मांग

INT News14 July 2026 at 06:17 am

Mahua Moitra in Calcutta High Court: ममता बनर्जी की फायरब्रांड सांसद महुआ मोईत्रा को गिरफ्तारी का डर सताने लगा है. इसलिए उन्होंने कलकत्ता हाईकोर्ट की शरण ली है. तृणमूल कांग्रेस (TMC) की वरिष्ठ नेता और सांसद की याचिका पर कोर्ट आगामी 15 जुलाई (बुधवार) को सुनवाई करेगा. महुआ मोईत्रा ने कोर्ट से मांग की है कि मामले की जांच के दौरान पुलिस की ओर से की जाने वाली किसी भी दंडात्मक या कठोर कार्रवाई (जैसे कि गिरफ्तारी) पर अंतरिम रोक लगायी जाये.

व्यक्तिगत उपस्थिति से मांगी छूट

इसके साथ ही उन्होंने थाने में व्यक्तिगत उपस्थिति की बजाय वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (वर्चुअल) से पूछताछ में की अनुमति देने का अनुरोध किया है. न्यायमूर्ति सौगत भट्टाचार्य ने मामले का उल्लेख किये जाने पर कहा कि वह बुधवार को इस याचिका पर सुनवाई करेंगे. उन्होंने मोईत्रा के वकील को सभी प्रतिवादियों (प्रतिपक्षों) को नोटिस तामील कराने का निर्देश दिया.

मुंह ढकने वालों को पहन लेना चाहिए बुर्का, क्या है पूरा विवाद?

अदालत में सुनवाई के दौरान महुआ मोईत्रा के वकील ने पूरे विवाद की पृष्ठभूमि की जानकारी दी. उन्होंने कहा कि हाल ही में जब सांसद महुआ मोईत्रा नदिया जिले की एक निचली अदालत में गयी थीं, तब चेहरा ढककर कुछ उपद्रवियों ने उन पर अंडे फेंके और हमला किया. इस घटना के बाद महुआ मोईत्रा ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट किया था, जिसमें उन्होंने कथित तौर पर लिखा था कि जो लोग अपना चेहरा छिपाते हैं, उन्हें बुर्का पहन लेना चाहिए.

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महुआ के बयान पर दर्ज हुई एफआईआर

वकील ने हाईकोर्ट को बताया कि महुआ मोईत्रा के इस बयान को कथित तौर पर नफरती भाषण माना गया. भाषण का यह मतलब निकाला गया कि उन्होंने हिंदुओं को बुर्का पहनने के लिए कहा है. इसी के आधार पर उनके खिलाफ पुलिस में मामला दर्ज कर लिया गया.

गिरफ्तारी की आशंका, वर्चुअल पूछताछ की मांग

महुआ मोईत्रा के वकील ने पीठ को बताया कि पुलिस लगातार नोटिस जारी करके सांसद को व्यक्तिगत रूप से पुलिस स्टेशन में पेश होने का दबाव बना रही है. वकील ने अदालत के समक्ष आशंका जतायी कि यदि टीएमसी की सांसद व्यक्तिगत रूप से पुलिस स्टेशन जाती हैं, तो उन्हें गिरफ्तार किया जा सकता है या उन पर फिर से हमला हो सकता है. इसलिए तृणमूल सांसद कोर्ट की शरण में हैं.