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हरियाणा में एक हफ्ते बाद फिर एक्टिव होगा मानसून:सिरसा में 77% और हिसार में 55% कम बारिश, किसानों की बढ़ी चिंता
हरियाणा में मानसून की रफ्तार थोड़ी धीमी पड़ गई है। आने वाले दिनों में तेज बारिश की कोई संभावना नजर नहीं आ रही। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार एक सप्ताह बाद मानसूनी सिस्टम दोबारा एक्टिव हो सकता है। कल सोमवार को हिसार, सिरसा, सोनीपत और फतेहाबाद सहित कुछ इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई, जिससे लोगों को गर्मी से थोड़ी राहत जरूर मिली। फतेहाबाद और हिसार में आंधी से एक युवक की मौत को गई और एक महिला घायल हो गई। भारी बारिश का कोई अलर्ट नहीं मौसम विभाग के मुताबिक, आज प्रदेश के ज्यादातर हिस्सों में बादल छाए रहेंगे और उत्तरी हरियाणा के कुछ स्थानों पंचकूला, यमुनानगर, अंबाला, कुरुक्षेत्र और करनाल में गरज-चमक के साथ छिटपुट बौछारें पड़ने की संभावना है। हालांकि, भारी बारिश का कोई अलर्ट नहीं है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि आगामी 2-3 दिनों तक मौसम ऐसा ही बना रहेगा। हरियाणा में कल आंधी-बारिश से नुकसान हिसार में कल आंधी के दौरान बहबलपुर गांव में तूफान के कारण महिला पर लोहे का होर्डिंग गिर गया, जिसमें वह गंभीर रूप से घायल हो गई। वहीं, फतेहाबाद के हंस मार्केट में बारिश के दौरान एक जूते की दुकान का छज्जा भरभराकर गिर गया। गनीमत रही कि हादसे के समय वहां कोई मौजूद नहीं था। भिरडाना गांव के पास तेज आंधी में बोलेरो गाड़ी पर पेड़ गिर गया। हालांकि, ड्राइवर बच गया। रतिया क्षेत्र में आंधी के बीच ट्रैक्टर पर पेड़ गिर गया, जिसमें युवक की मौत हो गई। हरियाणा में मानसून में अब तक 35% कम बारिश कुल औसत और कमी: हरियाणा में जुलाई के इस पखवाड़े तक सामान्य तौर पर लगभग 65 मिमी बारिश होनी चाहिए थी, लेकिन इस बार राज्य में केवल 42 मिमी के आसपास ही वास्तविक बारिश दर्ज की गई है। यह सामान्य से करीब 35% कम है। यहां हुई सबसे ज्यादा बारिश : उत्तर हरियाणा के जिलों में मानसून मेहरबान रहा है। यमुनानगर में सामान्य (95 मिमी) के मुकाबले 110 मिमी बारिश हुई है, जो करीब 15% अधिक है। इसी तरह अंबाला में 105 मिमी और पंचकूला में 98 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई, जो इन जिलों के औसत को पार कर चुकी है। यहां हुई सबसे कम बारिश : पश्चिमी और दक्षिणी हरियाणा में स्थिति चिंताजनक है। सिरसा में अब तक (औसत 35 मिमी) के मुकाबले मात्र 8 मिमी बारिश हुई है, जो 77% की भारी कमी को दर्शाता है। फतेहाबाद में सामान्य से 60% कम (केवल 12 मिमी) और हिसार में सामान्य से 55% कम (करीब 18 मिमी) बारिश दर्ज की गई है। इसके अलावा भिवानी और महेंद्रगढ़ में भी आंकड़े औसत से काफी पीछे चल रहे हैं।