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जंतर-मंतर CJP प्रदर्शन में पहुंची जजपा-इनेलो:अभय चौटाला ने कहा-प्रधानमंत्री को विचार करना चाहिए, दिग्विजय बोले-सब अपना हक लेने के लिए
नीट पेपर लीक मामले में दिल्ली जंतर मंतर पर चल रहे कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शन में जजपा और इनेलो भी शामिल होने के लिए पहुंची। जजपा और इनेलो ने खुलकर समर्थन किया और खुद दोनों पार्टी के विधायक व नेता पहुंचे हैं। 20 तारीख को भी प्रदर्शन में शामिल हुए और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग करते हुए उनके हकों की लड़ाई लड़ी। प्रदर्शन के दौरान जजपा से यूथ प्रदेशाध्यक्ष दिग्विजय चौटाला ने मीडिया को दिए बयान में कहा, ये हरियाणा नहीं समूचे राष्ट्र की लड़ाई है और सभी लोग अपनी भावनाएं लेकर आए हैं। कोई हिन्दू, सिख, मुसलमान, ईसाई नहीं है। ये सब देश के ही नागरिक है और भारत सरकार से, जो मैल कानों में जमा करके बैठी है, उस मैल को निकालने आए हैं। अपने हक और हुकूब लेने आए हैं। दिग्विजय बोले, पुलिस बेरहम होकर 10-10-15 फुट के बैरिकेट्स लगाकर दिल्ली को किला बनाकर इन लोगों की भावना को दबा नहीं सकती। मैं मोदी जी से कहूंगा और देश की सरकार से कहूंगा कि राजा रहमदिल होना चाहिए, बेरहम नहीं होना चाहिए। लोगों की आवाज सुनना चाहिए और भावना को समझना चाहिए। शुक्रवार को भी समर्थन देने गए थे जजपा व इनेलो नेता इससे पहले शुक्रवार को भी इनेलो से रानियां विधायक अर्जुन चौटाला और जजपा से यूथ प्रदेशध्यसक्ष दिग्विजय चौटाला समर्थन देने के लिए जंतर मंतर पर गए थे। इस दौरान पूर्व डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला भी साथ थे और उन्होंने सीजेपी संस्थापक अभिजीत दीपके को देश के पूर्व उप प्रधानमंत्री ताऊ देवीलाल के जीवन संघर्ष पर लिखी किताब और बाबा साहेब के साथ की तस्वीर भेंट की थी। अभय चौटाला बोले, 22 बच्चों के सुसाइड के जिम्मेवार का इस्तीफा हो अब इनेलो सुप्रीमो अभय सिंह चौटाला का भी कॉकरेज व युवाओं के समर्थन में बयान आया है। अभय चौटाला बोले, जंतर मंतर पर हजारों की संख्या में बच्चे इकट्ठा हो रहे थे और शांतिपूर्ण तरीके से लगातार सरकार के समक्ष अपनी बात रख रहे थे। बारी-बारी ये कह रहे थे कि उन बच्चों के साथ न्याय करो, जिन्होंने सुसाइड किया है। 22 बच्चों ने नीट लीक के पेपर में सुसाइड किया है, उस जिम्मेवार का इस्तीफा मांग रहे थे। सरकार से कह रहे थे कि इसकी जांच करवाओ और कौन जिम्मेवार है। मंत्री ध्रमेंद्र प्रधान का इस्तीफा हो। सरकार ने उनकी बात सुनने के बजाय उन पर लाठीचार्ज करवाया और आंसू गैस के गोले फेंके। कई बच्चों को चोटें आई। ये मूवमेंट थी जो प्रदर्शन था, वो राजनीतिक नहीं था, गैर राजनीतिक था। उसे तो देश के राजनीतिक दलों को समर्थन करना चाहिए। क्योंकि ये हमारी नई पीढ़ी के साथ बहुत बड़ा खिलवाड़ है। ये अकेला नीट का पेपर लीक नहीं हुआ। हरियाणा प्रदेश के 20-22 पेपर लीक हुए हैं। अगर हमारे बच्चों के साथ इसी तरह खिलवाड़ करे तो फेर मानकर चलो, भविष्य में बच्चा अपने मां-बाप पर भी भरोसा नहीं करेगा। स्वार्थ से ऊपर समर्थन करना चाहिए : अभय अभय बोले, इसीलिए सब राजनीतिक दलों को एक संकल्प लेना चाहिए, जो वहां जाकर समर्थन कर रहे हैं। उनको समर्थन के साथ अपने बच्चों में जागृति पैदा करनी चाहिए। इन बच्चों के साथ जब तक न्याय न हो, उनके साथ खड़ा होना चाहिए। कोई पार्टी का नाम न हो। वहां पर इस तरह की भाषा प्रयोग न हो, जिसमें राजनीतिक बूं आए या राजनीतिक स्वार्थ साधना चाहता हो। स्वार्थ से ऊपर इसका समर्थन करना चाहिए। देश के प्रधानमंत्री को भी इस पर तुरंत विचार करना चाहिए।