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SIR ट्रिब्यूनल में 81 फीसदी याचिकाएं वोटर लिस्ट से नाम हटाने की, जानें सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा

INT News27 August 2026 at 07:57 am

Supreme Court On Bengal SIR Voter List: पश्चिम बंगाल में मतदाता सूचियों के विशेष गहन संशोधन (SIR) के बाद गठित अपीलीय न्यायाधिकरणों (Appellate Tribunals) के समक्ष लंबित मामलों को लेकर सुप्रीम कोर्ट में जो आंकड़ा सामने आया है, वह बताता है कि ट्रिब्यूनल्स में लंबित कुल 38.1 लाख अपीलों में से 81.3 प्रतिशत (लगभग 31 लाख) याचिकाएं लोगों के नाम मतदाता सूची से हटाने (Exclusion) के लिए दाखिल की गयीं हैं, न कि नाम कटने के खिलाफ.

नाम काटने की अपील बढ़ा रहे ट्रिब्यूनल का बोझ

कांग्रेस सांसद ईशा खान चौधरी को सूचना का अधिकार अधिनियम (RTI) के तहत मिले जवाब के आंकड़ों को शीर्ष अदालत के सामने रखते हुए याचिकाकर्ताओं के वकीलों ने कहा कि मतदाता सूची से वंचित लोगों से ज्यादा अपील नाम वोटर लिस्ट से नाम कटवाने से जुड़ी है. यह ट्रिब्यूनल पर बोझ बढ़ा रहा है.

2029 लोकसभा चुनाव से पहले SIR की सुनवाई पूरी करने का निर्देश

भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्य बागची और न्यायमूर्ति वी मोहना की पीठ ने चुनाव आयोग को निर्देश दिया कि अपीलों के निपटारे की पूरी कवायद लोकसभा चुनाव 2029 से काफी पहले पूरी हो जानी चाहिए. पीठ ने माना कि जिनका नाम मतदाता सूची से हटाया गया है, उनका मतदान का अधिकार तुरंत प्रभावित होता है. इसलिए जिनके नाम कटे हैं, उनकी सुनवाई को प्राथमिकता दी जानी चाहिए.

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सुप्रीम कोर्ट ने ECI से मांगा विस्तृत हलफनामा

सुप्रीम कोर्ट ने भारत निर्वाचन आयोग (ECI) को जिला-वार और श्रेणी-वार विवरण प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है. कोर्ट ने यह बताने को भी कहा है कि कितनी अपीलें लंबित हैं, कितने आवेदनों पर फैसला हो चुका है और निपटारे को गति देने के लिए क्या कदम उठाये जा रहे हैं.

RTI से हुआ खुलासा

कुल लंबित अपीलें (7 अगस्त तक): 38,10,620

नाम हटाने/अस्वीकृत करने की अपीलें : लगभग 31,00,000 (81.3 प्रतिशत)

नाम कटने के खिलाफ मतदाताओं की अपील : लगभग 7,00,000

अब तक निपटाये गये मामले : 82,782 (इनमें से 91 प्रतिशत से अधिक यानी 75,443 मामलों में नाम फिर से जोड़े गये हैं, जबकि केवल 7,339 नाम हटाये गये हैं).

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कल्याण बनर्जी ने किया खास विधानसभा क्षेत्रों का जिक्र

वरिष्ठ अधिवक्ता गोपाल शंकरनारायणन और प्रशांत भूषण ने कोर्ट में दलील दी कि जिन लोगों के नाम मतदाता सूची से बाहर हुए हैं, उन्हें प्राथमिकता दी जानी चाहिए. तृणमूल कांग्रेस के प्रतिनिधि की ओर से उपस्थित वरिष्ठ अधिवक्ता कल्याण बनर्जी ने भी विधानसभा क्षेत्रों में नाम काटने के आंकड़ों का उल्लेख किया, हालांकि पीठ ने कहा कि वह किसी विशेष विधानसभा क्षेत्र की बजाय पूरे राज्य में अपीलों के निपटारे की प्रक्रिया की समीक्षा करेगी.