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फरीदाबाद में दो सांडों की लड़ाई, लाठी-डंडे लेकर दौड़े लोग:सींगों से टक्कर मारते हुए एक-दूसरे को धकेलते रहे, CCTV फुटेज वायरल
फरीदाबाद जिले के बल्लभगढ़ के आदर्श नगर में दो सांडों के बीच हुई खतरनाक लड़ाई का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। घटना मलेरना रोड के पास स्थित एक गली की है, जहां दोनों सांड आपस में भिड़ गए। इस दौरान दोनों ने एक-दूसरे को सींगों से मारने और पीछे धकेलने की कोशिश की। अचानक हुई इस लड़ाई से गली में मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई। हालात ऐसे हो गए कि लोगों को अपनी जान बचाने के लिए घरों में घुसना पड़ा। पूरी घटना गली में लगे सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड हो गई। अचानक गली में घुसे और लड़ाई शुरू सीसीटीवी फुटेज के मुताबिक, घटना 28 अक्टूबर की शाम करीब 7 बजे की है। शाम का समय होने के बावजूद गली में लोगों की आवाजाही कम थी। इसी दौरान अचानक दो सांड लड़ते हुए गली में घुस आए। दोनों सांड एक-दूसरे को लगातार टक्कर मारते हुए आगे-पीछे धकेलने लगे। उनके बीच लड़ाई इतनी खतरनाक थी कि आसपास मौजूद लोग घबरा गए। गली में मौजूद लोगों को समझ नहीं आया कि वे दोनों को कैसे अलग करें। लाठी-डंडे लेकर निकले लोग, बचने के लिए भागे सांडों की लड़ाई को रोकने के लिए स्थानीय लोगों ने अपने घरों से लाठी-डंडे निकाल लिए। लोगों ने दोनों सांडों को अलग-अलग करने के लिए उन्हें भगाने का प्रयास किया। इस दौरान सांड लोगों की तरफ ही दौड़ पड़े। अचानक सांडों को अपनी ओर आता देखकर लोग जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। कुछ लोग घरों के अंदर घुस गए। काफी देर तक चली मशक्कत के बाद दोनों सांडों को गली से बाहर भगाया जा सका। बेसहारा गोवंश की समस्या से लोग परेशान शहर की सड़कों और गलियों में घूमने वाले आवारा पशु लोगों के लिए लगातार परेशानी का कारण बने हुए हैं। कई बार ये पशु राहगीरों पर हमला कर देते हैं, जिससे लोग घायल हो जाते हैं। सड़कों पर इनके अचानक आने से वाहन चालक भी हादसों का शिकार होते हैं। ऐसे हादसों में कई लोग अपनी जान गंवा चुके हैं। नगर निगम की ओर से समय-समय पर आवारा पशुओं को पकड़ने के अभियान चलाने के दावे किए जाते हैं, लेकिन शहर की सड़कों पर इनकी मौजूदगी अब भी लोगों के लिए खतरा बनी हुई है। नगर निगम का अभियान जारी नगर निगम फरीदाबाद के नगर स्वास्थ्य अधिकारी नीतीश परमार के मुताबिक निगम की टीमें लगातार बेसहारा गोवंश को सड़क से हटाने का काम कर रही है। बेसहारा गोवंश को पकड़कर गोशाओं और दूसरी जगह भेजा जा रहा है। जिसके चलते सड़क पर इनकी संख्या लगातार कम हो रही है। निगम का प्रयास है कि जल्द से जल्द सड़क पर आवारा पशु दिखने बंद हो जाए।