समाचार · झारखंड
लोहरदगा के जतरा में देसी अंदाज में दिखे सांसद सुखदेव भगत, ग्रामीणों के साथ किया नृत्य

लोहरदगा: सदर प्रखंड के गंगुपाड़ा गांव में पारंपरिक जतरा का भव्य आयोजन किया गया. कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में लोहरदगा सांसद सह छत्तीसगढ़ प्रभारी सुखदेव भगत शामिल हुए. जतरा स्थल पर पहुंचने पर आयोजन समिति और ग्रामीणों ने पारंपरिक ढोल-नगाड़े, मांदर की थाप और गाजे-बाजे के साथ उनका स्वागत किया.
खोड़हा दलों के साथ किया सामूहिक नृत्य
जतरा के दौरान सांसद सुखदेव भगत खोड़हा दलों के बीच पहुंचे. उन्होंने मांदर की थाप पर ग्रामीणों के साथ सामूहिक नृत्य किया और कलाकारों का उत्साह बढ़ाया. सांसद को अपने बीच नृत्य करते देख ग्रामीणों में खासा उत्साह देखने को मिला.
ये भी पढ़ें: 2 बेटों की हत्या के बाद सरकारी मदद के लिए भटक रहा पिता, प्रशासन से लगायी गुहार
जतरा आदिवासी संस्कृति और विरासत को सहेजने का माध्यम
जतरा को संबोधित करते हुए सांसद सुखदेव भगत ने कहा कि जतरा केवल मेला नहीं है, बल्कि आदिवासी समाज की संस्कृति, परंपरा, रीति-रिवाज और पूर्वजों की विरासत को सहेजने का माध्यम है. पूर्वजों ने जतरा के जरिए समाज को एकजुट करने का काम किया था. उन्होंने कहा कि जतरा से आपसी भाईचारा बढ़ता है, सामाजिक एकता मजबूत होती है और युवा पीढ़ी अपनी जड़ों से जुड़ती है. पुराने समय में जब आवागमन के साधन सीमित थे, तब जतरा ही ऐसा अवसर होता था, जहां समाज के लोग एक जगह जुटकर सामाजिक उत्थान, कुरीतियों को दूर करने और आपसी रिश्तों को मजबूत करने पर चर्चा करते थे.
ये भी पढ़ें: रांची में ट्रैफिक नियम समझाने सड़क पर उतरा बाघ! कांटाटोली चौक पर दिखा अनोखा अंदाज
युवाओं से संस्कृति और परंपरा से जुड़े रहने की अपील
सांसद ने युवाओं से अपनी संस्कृति और परंपराओं से जुड़े रहने की अपील की. उन्होंने कहा कि सांस्कृतिक पहचान को बचाये रखने के लिए अपनी परंपराओं को जानना और उन्हें आगे बढ़ाना जरूरी है. कार्यक्रम में आलोक कुमार साहू, फूलदेव उरांव, श्याम उरांव, गिरी पाहन, चन्दर उरांव, निंगनी मुखिया सहित आयोजन समिति के सदस्य, स्थानीय जनप्रतिनिधि, पाहन, पुजार और बड़ी संख्या में ग्रामीण महिला-पुरुष उपस्थित थे.