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दुष्यंत चौटाला बोले, कंपनी का नहीं पावर सेक्टर का अनुभव:एक साल पहले बनी, 4700 करोड़ का काम दिया, इस साजिश-मिलीभगत की जांच हो

INT News23 October 2026 at 03:52 pm

हरियाणा के पूर्व डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला ने बिजली निजीकरण के विरोध में आज शुक्रवार को सिरसा में बरनाला रोड नजदीकी स्थित चौटाला कोठी पर बीजेपी सरकार को घेरते हुए गंभीर आरोप लगाए और कहा, इस कंपनी को काम दिए जाने की मंशा एवं साजिश की जांच करने एवं संबंधित अधिकारियों के खिलाफ जांच कर कार्रवाई के लिए कहा। कर्मचारियों द्वारा मनोहर लाल खट्‌टर पर लगाए आरोप के सवाल पर दुष्यंत चौटाला बोले, किस पर आरोप है और कौन लोग शामिल है, इसकी जांच सरकार को करानी चाहिए। जिस इलेवन पावर कंपनी को 4700 करोड़ रुपए का काम दिया गया है। इसका ये तक नहीं पता कि हरियाणा की कंपनी है या बाहर की और इसके पास एक भी पावर सेक्टर का अनुभव नहीं है। बिना अनुभव देखे 4700 करोड़ का काम दे दिया। अगर रेगूलरिटी कमीशन के पदाधिकारियों या मेंबर ने ऐसा कुछ किया है तो उनके खिलाफ कार्रवाई करने के बहुत से कानूनी तरीके हैं। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की जिम्मेवारी बनती है कि इस पर कदम उठाए और एक्शन लेना चाहिए। अगर नायब सैनी इस तरह प्राइवेट सेक्टर के हाथों में इतना बड़ा ऑर्गेनाइजर बेचेंगे तो उनकी पार्टी भी कर्मचारियों के साथ है और उनका समर्थन करेंगे। तय नहीं किया समझौता तो पॉलिसी बनाने पर एक्शन लेना चाहिए : दुष्यंत दुष्यंत चौटाला ने बताया, ये कंपनी एक साल से कम समय में स्थापित है और पावर सेक्टर चलाने का कोई अनुभव नहीं है। प्राइवेटेशन करना चाहिए, उसका विरोध नहीं है। जो आवश्यक सुविधाएं है, उनको सरकार को स्वयं चलाना चाहिए। अगर सरकार ने इतना सुधार किया है तो इसे बेचना पड़ रहा है। अभी एचईआरसी ने यह तक स्पष्ट नहीं किया है कि ये कंपनी पावर ग्रिंड, लाइन व तारों का जाल यानी संसाधान स्थापित करेगी या सरकार के इन्हीं संसाधनों का ही इस्तेमाल केरगी। अगर पावर सेक्टर विफल हुआ है तो जो-जो लोग इस पावर सेक्टर में रहे हैं और पॉलिसी बनाई है। उनके विरुध एक्शन लेना चाहिए। पहले से कम सुविधा और अधिक टैरिफ लगाकर लूटवाने का काम : दुष्यंत दुष्यंत चौटाला बोले, प्रदेश के बिजली मंत्री ने बयान दिया कि वह कर्मचारियों के साथ है। वहीं, एचईआरसी को ढाल बनाकर सरकार डीएचबीवीएन के 50 प्रतिशत रेवेन्यू इकट्‌ठा करने वाले दो जिलों से निजी कंपनी को हाथाें में देने का काम कर रही है और न ही ये कोई पुरानी कंपनी है। जजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अजय सिंह चौटाला ने वीरवार को समर्थन किया था। आपको प्राइवेट हाथों में देकर सहूलियत बढ़ाने की बात नहीं कर रहे। जो सहुलियत आपके पास है, उसे कम सुविधा और उससे ज्यादा बिजली के टैरिफ लगाकर प्राइवेट हाथों में लूटवाने का काम करेंगे। इसका उदाहरण दिल्ली है और जहां पर दिल्ली में निजीकरण को बढावा दिए जाने पर निजी कंपनियों के बिजली के रेट हरियाणा से कहीं ज्यादा है।