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SIR के खिलाफ 23 अक्टूबर को SKM और ‘पीपुल अगेंस्ट का देशव्यापी विरोध - 25 राज्यों में प्रदर्शन, दिल्ली में EC दफ्तर तक मार्च

मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के विरोध में संयुक्त किसान मोर्चा (SKM) और ‘पीपुल अगेंस्ट SIR’ मंच 23 अक्टूबर को देशव्यापी विरोध-प्रदर्शन करेंगे. दोनों संगठनों ने मतदाता सूचियों से हटाए गए लोगों का मतदान का अधिकार बहाल करने की मांग की है. साथ ही, उन्होंने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने और उनके खिलाफ अभियोजन चलाने की भी मांग की है.
जिला मुख्यालयों से दिल्ली तक होगा प्रदर्शन
आयोजकों के मुताबिक, विरोध-प्रदर्शन जिला और तहसील मुख्यालयों के अलावा राज्यों की राजधानियों और दिल्ली में भी किए जाएंगे. ‘पीपुल अगेंस्ट SIR’ ने राजधानी में निर्वाचन आयोग के कार्यालय तक मार्च निकालने का आह्वान किया है. मंच का दावा है कि 25 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में प्रदर्शन की योजना बनाई गई है.
13.41 करोड़ लोगों का मतदान अधिकार बहाल करने की मांग
केंद्र के तीन कृषि कानूनों के खिलाफ 2020-21 में हुए किसान आंदोलन का नेतृत्व करने वाले संयुक्त किसान मोर्चा ने कहा कि उसके घटक संगठन जिलाधिकारियों और उपमंडल मजिस्ट्रेट के माध्यम से राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को ज्ञापन सौंपेंगे. ज्ञापन में SIR प्रक्रिया को रद्द करने और मतदाता सूचियों से कथित तौर पर हटाए गए 13.41 करोड़ नागरिकों का मतदान अधिकार बहाल करने की मांग की जाएगी.
मुख्य निर्वाचन आयुक्त के खिलाफ कार्रवाई की मांग
दोनों संगठनों ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने और उनके खिलाफ अभियोजन चलाने की मांग की है. ‘पीपुल अगेंस्ट SIR’ का कहना है कि जब तक SIR प्रक्रिया रद्द नहीं होती और वास्तविक नागरिकों के मतदान का अधिकार बहाल नहीं किया जाता, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा.
चुनाव सुधारों में बदलाव की भी उठी मांग
SKM ने चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति से संबंधित 2023 के कानून में संशोधन करने की मांग की है. संगठन चाहता है कि चयन समिति में भारत के प्रधान न्यायाधीश को शामिल किया जाए. इसके अलावा आनुपातिक प्रतिनिधित्व और चुनावों के लिए सरकारी वित्तपोषण जैसे व्यापक चुनाव सुधार लागू करने की भी मांग की गई है.
पुलिस कार्रवाई और जंतर-मंतर को लेकर भी सवाल
किसान संगठन ने प्रदर्शनकारियों के खिलाफ पुलिस की कथित ज्यादतियों पर कार्रवाई की मांग की है. संगठन ने महिला विद्यार्थियों और पत्रकारों समेत प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कथित पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं. साथ ही जंतर-मंतर को निर्धारित प्रदर्शन स्थलों की सूची से हटाने संबंधी आदेश रद्द करने की मांग भी की है. SKM ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार विरोध-प्रदर्शनों को दबाना जारी रखती है, तो किसान प्रदर्शनकारियों की सुरक्षा के लिए आगे आएंगे.
दोपहर एक बजे जुटेंगे प्रदर्शनकारी
‘पीपुल अगेंस्ट SIR’ के मुताबिक, दिल्ली में प्रदर्शनकारी शुक्रवार को दोपहर एक बजे गुरुद्वारा बंगला साहिब, गोल डाकखाना और गोल मार्केट के पास एकत्र होंगे. इसके बाद निर्वाचन आयोग के कार्यालय तक मार्च निकाला जाएगा और वहां ‘जन संसद’ आयोजित की जाएगी. मंच ने बताया कि प्रदर्शनकारी राष्ट्रीय ध्वज लेकर मार्च करेंगे.
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