national · दिल्ली
PM मोदी को भारत रत्न देने की उठी मांग, AAP छोड़ BJP में आए सांसद ने उठाया मुद्दा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को देश का सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘भारत रत्न’ देने की मांग उठी है. भाजपा के राज्यसभा सांसद विक्रमजीत सिंह साहनी ने बुधवार को कहा कि देश के प्रति समर्पण और निस्वार्थ सेवा के लिए मोदी इस सम्मान के हकदार हैं. उन्होंने यह बयान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की मौजूदगी में दिया. हालांकि, यह सांसद की व्यक्तिगत मांग है; सरकार की ओर से इस संबंध में किसी निर्णय की घोषणा नहीं की गई है.
‘मन की बात’ पर प्रदर्शनी में उठी सम्मान की मांग
यह मांग नई दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान सामने आई, जहां अमित शाह ने ‘मन की बात’ विषय पर आधारित 76 चित्रों की प्रदर्शनी का उद्घाटन किया. आयोजकों के मुताबिक, इन चित्रों में प्रधानमंत्री मोदी की शासन प्रमुख के रूप में 25 वर्षों की सार्वजनिक सेवा को दर्शाया गया है. कार्यक्रम में कलाकार मनजीत सिंह को सम्मानित भी किया गया और प्रधानमंत्री की सार्वजनिक सेवा पर आधारित एक लघु फिल्म दिखाई गई.
AAP छोड़कर BJP में आए हैं विक्रमजीत सिंह साहनी
विक्रमजीत सिंह साहनी की यह टिप्पणी उनके राजनीतिक सफर के संदर्भ में भी चर्चा में है. वह आम आदमी पार्टी के उन सात राज्यसभा सदस्यों में शामिल थे, जिन्होंने अप्रैल में पार्टी छोड़कर भाजपा का दामन थाम लिया था. ऐसे में मोदी को भारत रत्न देने की उनकी मांग राजनीतिक विमर्श का हिस्सा बन गई है. हालांकि, केवल इस राजनीतिक पृष्ठभूमि के आधार पर उनके बयान के पीछे किसी खास मंशा का निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा.
भारत रत्न को लेकर क्या है अहम सवाल?
भारत रत्न देश का सर्वोच्च नागरिक सम्मान है, जो असाधारण सेवा या उच्चतम स्तर के प्रदर्शन के लिए दिया जाता है. किसी नेता को यह सम्मान देने की मांग राजनीतिक समर्थन और सार्वजनिक बहस का विषय बन सकती है, लेकिन मांग उठना और सम्मान दिए जाने का आधिकारिक निर्णय अलग-अलग बातें हैं. फिलहाल साहनी ने मोदी के लिए यह मांग रखी है; इसे सरकार की घोषणा या तय फैसले के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए.
प्रदर्शनी में अमित शाह और दिल्ली के उपराज्यपाल भी हुए शामिल
‘वर्ल्ड पंजाबी ऑर्गनाइजेशन’ की ओर से आयोजित इस प्रदर्शनी में कलाकार मनजीत सिंह के बनाए 76 चित्र प्रदर्शित किए गए. कार्यक्रम में अमित शाह और दिल्ली के उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने चित्र दीर्घा का अवलोकन किया. आयोजकों ने प्रदर्शनी को प्रधानमंत्री की सार्वजनिक सेवा के 25 वर्षों को दर्शाने वाला आयोजन बताया.
ये भी पढ़ें: 31 अक्टूबर से दिल्ली-वाराणसी के बीच दौड़ेगी दूसरी वंदे भारत स्लीपर, 'कवच' सिस्टम और CCTV से है लैस