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लोहारू थाना अंधेरे में डूबा:बिजली कर्मियों की हड़ताल, मोबाइल टॉर्च की रोशनी में निपटाया काम, पानी की सप्लाई भी प्रभावित
भिवानी जिले के लोहारू में बिजली कर्मचारियों की तीन दिवसीय हड़ताल के चलते शहर और आसपास के गांवों में बिजली संकट गहरा गया। बिजली आपूर्ति बाधित होने से आमजन के साथ सरकारी कार्यालयों का कामकाज भी प्रभावित हुआ। लोहारू पुलिस थाना भी अंधेरे में डूबा रहा और बिजली नहीं होने के कारण पुलिस अधिकारियों व कर्मचारियों को मोबाइल फोन की रोशनी में जरूरी काम निपटाने पड़े। बिजली के साथ पेयजल आपूर्ति प्रभावित होने से लोगों को दोहरी परेशानी का सामना करना पड़ा। पुलिस थाने में मोबाइल की रोशनी में हुआ कामकाज बिजली गुल रहने से लोहारू पुलिस थाने में सामान्य कामकाज प्रभावित हुआ। अंधेरे के बीच पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को मोबाइल फोन की टॉर्च जलाकर जरूरी काम करने पड़े। सरकारी कार्यालय में भी बिजली की आपूर्ति बाधित रहने से हड़ताल का असर साफ दिखाई दिया। वहीं, शहर के विभिन्न हिस्सों में बिजली नहीं होने से घरों और दुकानों में रोशनी, पंखे और अन्य बिजली से चलने वाले उपकरण बंद रहे। बिजली के साथ पानी की सप्लाई भी प्रभावित शहर और आसपास के गांवों में बिजली आपूर्ति बाधित होने का असर पेयजल व्यवस्था पर भी पड़ा। बिजली पर निर्भर पानी की मोटर और अन्य व्यवस्थाएं प्रभावित होने से लोगों को घरेलू जरूरतों के लिए पानी जुटाने में परेशानी हुई। पीने के पानी, खाना बनाने, नहाने और दूसरे जरूरी कामों के लिए पानी की उपलब्धता प्रभावित रही। स्थानीय निवासी प्रदीप, रोहताश, सुनील, प्रमोद, राकेश सहित अन्य लोगों ने बताया कि बिजली नहीं होने से आमजन के साथ पशु-पक्षियों को भी पानी की कमी के कारण परेशानी झेलनी पड़ी। रात के अंधेरे में बढ़ी लोगों की परेशानी रात के समय बिजली नहीं होने से शहर के कई हिस्सों में अंधेरा छाया रहा। इससे दुकानदारों, जरूरी काम से बाहर निकलने वाले लोगों और आवागमन करने वालों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। सुनसान गलियों और कम रोशनी वाले क्षेत्रों में लोगों को अधिक परेशानी हुई। घरों में रोशनी और पंखे बंद रहने से सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ। मोबाइल फोन की बैटरी खत्म होने पर संपर्क बनाए रखने में भी लोगों को दिक्कत हुई। सुबह की दिनचर्या और घरेलू कामकाज प्रभावित बिजली और पानी की सप्लाई बाधित रहने से घरों में रोजमर्रा के कामकाज पर भी असर पड़ा। महिलाओं को खाना बनाने, पीने के पानी की व्यवस्था करने और अन्य घरेलू काम निपटाने में परेशानी हुई। बच्चों को स्कूल भेजने की तैयारी, नौकरीपेशा लोगों के काम पर जाने और विद्यार्थियों की दिनचर्या भी प्रभावित हुई। बिजली से चलने वाले घरेलू उपकरण बंद रहने के कारण लोगों को अपने जरूरी काम करने के लिए वैकल्पिक व्यवस्थाओं पर निर्भर रहना पड़ा।