Friday, 23 October 2026
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लखनऊ में बेटी को डॉक्टर बनाने का सपना पड़ा भारी, Instagram विज्ञापन के जाल में ऐसे फंसी माँ, बेंगलुरु पहुंचते ही खुला ठगी का पूरा राज

INT News23 October 2026 at 12:45 pm

Lucknow NEET Admission Fraud: हर माता-पिता चाहते हैं कि उनका बच्चा पढ़-लिखकर अपने पैरों पर खड़ा हो और अपने सपनों को पूरा करे. लेकिन लखनऊ से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसे जानकर आप भी हैरान रह जाएंगे. यहां बेटी को डॉक्टर बनाने का सपना देख रही एक महिला कथित ठगी का शिकार हो गईं. आरोपियों ने NEET के जरिए सरकारी मेडिकल कॉलेज में एडमिशन दिलाने का भरोसा देकर उनसे 36.89 लाख रुपये ऐंठ लिए. इतना ही नहीं, महिला का भरोसा जीतने के लिए फर्जी अलॉटमेंट लेटर और फीस की रसीद भी भेजी गई. ठगी का खुलासा तब हुआ, जब महिला बेटी का एडमिशन कराने बेंगलुरु पहुंचीं.

इंस्टाग्राम पर दिखा एडमिशन का विज्ञापन

लखनऊ के ग्रीनवूड अपार्टमेंट में रहने वाली सुमन कटियार ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उनकी बेटी को 1 अक्टूबर 2026 को इंस्टाग्राम पर 'डॉक्टर एडमिशन डेस्क' नाम से एक विज्ञापन दिखा था. बेटी के मेडिकल कॉलेज में दाखिले की उम्मीद में उन्होंने विज्ञापन के जरिए संपर्क किया. इसके बाद उन्हें व्हाट्सएप पर विजय कुमार, अभिषेक कुमार और तरुण कुमार के मोबाइल नंबर दिए गए. आरोप है कि इन लोगों ने खुद को एडमिशन काउंसलर बताया और बेंगलुरु मेडिकल कॉलेज एंड रिसर्च इंस्टीट्यूट (BMCRI) में दाखिला दिलाने का भरोसा दिया.

फर्जी लेटर और रसीद से जीता भरोसा

शिकायत के मुताबिक, आरोपियों ने महिला को भरोसे में लेने के लिए अलॉटमेंट लेटर और फीस की रसीद भेजी. दस्तावेज देखकर उन्हें लगा कि बेटी के एडमिशन की प्रक्रिया आगे बढ़ रही है. इसी भरोसे में उन्होंने आरोपियों के बताए अनुसार पैसे देने शुरू कर दिए. हालांकि, बाद में यही दस्तावेज कथित ठगी का हिस्सा निकले.

36.89 लाख रुपये दिए, 10 लाख नकद लेने का आरोप

महिला के अनुसार, आरोपियों ने अलग-अलग बैंक खातों में रकम ट्रांसफर कराई. इसके अलावा 10 लाख रुपये हवाला के जरिए नकद लिए गए. कुल मिलाकर महिला से 36.89 लाख रुपये लेने की बात शिकायत में कही गई है. इतनी बड़ी रकम देने के बाद भी बेटी का दाखिला नहीं हुआ.

बेटी का एडमिशन कराने बेंगलुरु पहुंचीं, तब खुला राज

सुमन कटियार अपनी बेटी का एडमिशन कराने बेंगलुरु पहुंचीं. इसी दौरान उन्हें कथित धोखाधड़ी का पता चला. जिस दाखिले के भरोसे उन्होंने लाखों रुपये दिए थे, वह पूरा नहीं हुआ. इसके बाद उन्होंने पुलिस को शिकायत दी. मामले में आरोपियों की भूमिका, पैसों के लेन-देन और दस्तावेजों की वास्तविकता की जांच जरूरी है. पुलिस की कार्रवाई और जांच के आधिकारिक विवरण की पुष्टि होने के बाद ही मामले की आगे की स्थिति स्पष्ट होगी.

मेडिकल एडमिशन के नाम पर ठगी से कैसे बचें?

NEET के जरिए मेडिकल कॉलेज में दाखिले के लिए किसी एजेंट के दावे पर आंख बंद करके भरोसा न करें. अलॉटमेंट लेटर और फीस की रसीद मिलने भर से एडमिशन की पुष्टि नहीं होती. कॉलेज की आधिकारिक वेबसाइट और संबंधित काउंसलिंग अथॉरिटी के पोर्टल पर आवंटन की जानकारी जांचें. फीस केवल कॉलेज या अधिकृत काउंसलिंग प्रक्रिया के आधिकारिक माध्यम से जमा करें. सोशल मीडिया विज्ञापन, निजी बैंक खातों में भुगतान और नकद रकम की मांग को गंभीर चेतावनी के रूप में लें.

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