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JPSC-JSSC धांधली मामले में CID का एक और बड़ा एक्शन, अभय तिवारी के बाद अब उनकी पत्नी और भाई भी गिरफ्तार

JPSC JSSC Scam, रांची : झारखंड में प्रतियोगी परीक्षाओं में हुए फर्जीवाड़े के मामले में सीआईडी (CID) ने अपनी जांच तेज करते हुए बड़ी कार्रवाई की है. सीआईडी की टीम ने विवादों में घिरी परीक्षा संचालन कराने वाली एजेंसी टीडीपीएल (TDPL) के मार्केटिंग मैनेजर अभय तिवारी की पत्नी और उनके सगे भाई को गिरफ्तार कर लिया है. पुलिस और जांच एजेंसी के अनुसार, इन दोनों पर जेपीएससी (JPSC) और जेएसएससी-सीजीएल (JSSC-CGL) जैसी राज्य की प्रमुख प्रतियोगी परीक्षाओं में अवैध तरीके से सफलता प्राप्त करने के गंभीर आरोप हैं. इस मामले का मुख्य आरोपी अभय तिवारी पहले से ही जेल में बंद है, जिससे पूछताछ के बाद इस पूरे रैकेट का पर्दाफाश हो रहा है.
सांठगांठ और फर्जीवाड़े के जाल का पर्दाफाश
जांच अधिकारियों के मुताबिक, टीडीपीएल कंपनी के मार्केटिंग मैनेजर के पद पर रहते हुए अभय तिवारी ने परीक्षा प्रणाली में धांधली की और अपने प्रभाव का गलत इस्तेमाल करते हुए अपने ही परिजनों को मेरिट लिस्ट में जगह दिलाई. सीआईडी द्वारा हर रोज हो रही कार्रवाई के बाद से पूरे नियुक्ति प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं. एजेंसी अब इस बात की जांच करने में जुटी है कि इस फर्जीवाड़े का दायरा कितना बड़ा है और इसमें कौन-कौन से सफेदपोश डायरेक्ट या इनडायरेक्ट रूप से शामिल हैं.
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आगे की कार्रवाई जारी
झारखंड सीआईडी की टीम इन दिनों घोटाले को अपनी जांच तेज कर दी है. स्थिति ये है कि हर दिन नए खुलासे हो रहे हैं. सोमवार को ही सीआईडी ने कड़ा एक्शन लेते हुए जेपीएससी के पूर्व सदस्य अजीता भट्टाचार्य के पीए को गिरफ्तार कर लिया था. उससे ठीक पहले जेएसएससी के दफ्तर और आयोग के सचिव सुधीर कुमार गुप्ता के घर पर छापेमारी की थी. मंगलवार को भी उनकी कड़ी पूछताछ हुई. जांच टीम का कहना है कि अवैध रूप से सफलता पाने वाले अभ्यर्थियों और इस पूरे नेटवर्क को संचालित करने वाले बिचौलियों के खिलाफ आगे भी ऐसी ही सख्त कार्रवाई जारी रहेगी.
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