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CM बोले-फेक न्यूज के दौर में नेक न्यूज की जरूरत:अभिनेता पीयूष मिश्रा बोले- आज के युवा स्मार्ट, लेकिन महापुरुषों को ट्रोल न करें
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंगलवार को कहा कि पत्रकारिता में सत्ता का विरोध हो सकता है, लेकिन देश का विरोध नहीं होना चाहिए। आज के ‘फेक न्यूज’ के दौर में युवाओं को ‘नेक न्यूज’ को आगे बढ़ाने वाला मीडिया कर्मी बनना चाहिए। हमारे लिए न्यूज से ऊपर नेशन होना चाहिए और देशहित सर्वोपरि रखना चाहिए। मुख्यमंत्री माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय (MCU) के नवागत विद्यार्थियों के तीन दिवसीय प्रबोधन कार्यक्रम ‘अभ्युदय-2026’ के उद्घाटन समारोह को संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम में प्रसिद्ध लेखक, गीतकार और अभिनेता पीयूष मिश्रा विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल हुए। कार्यक्रम की अध्यक्षता विश्वविद्यालय के कुलगुरु विजय मनोहर तिवारी ने की। लव-कुश और नारद का उदाहरण देकर समझाया संचार का महत्व मुख्यमंत्री ने संचार के उत्कृष्ट उदाहरण के रूप में लव-कुश की कथा का उल्लेख किया। उन्होंने देवर्षि नारद को श्रेष्ठ संचारक बताते हुए कहा कि प्रभावी संचार समाज और व्यक्ति दोनों को दिशा देने का काम करता है। वीर सावरकर का उल्लेख करते हुए डॉ. यादव ने कहा कि सावरकर ने लंदन जाकर अंग्रेजों को चुनौती दी और 1857 के इतिहास को सामने रखते हुए इसे महज सिपाही विद्रोह नहीं, बल्कि स्वतंत्रता का आंदोलन बताया। उन्होंने कहा कि सावरकर ने हिंदी भाषा के लिए भी महत्वपूर्ण काम किया और संसदीय परंपरा में इस्तेमाल होने वाले कई शब्द दिए। मुख्यमंत्री ने गीतकार कवि प्रदीप का उदाहरण देते हुए कहा कि उन्होंने अपने गीतों के माध्यम से स्वतंत्रता की अलख जगाई। यही कारण था कि वे अंग्रेजों के निशाने पर रहे। उन्होंने कहा कि देश के साहित्यकारों ने भी अंग्रेजी शासन के खिलाफ अपने लेखन और रचनाओं के माध्यम से महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। नकारात्मकता से दूर रहें युवा
स्वागत भाषण में कुलगुरु विजय मनोहर तिवारी ने विद्यार्थियों को नकारात्मकता से दूर रहने की सीख दी। उन्होंने कहा कि युवाओं को अपने इतिहास के किरदारों से सीखना चाहिए। उन्होंने कहा कि आज भी माता-पिता अपने बच्चों का नाम शकुनी या मंथरा नहीं रखते। यह बताता है कि समाज नकारात्मक किरदारों को स्वीकार नहीं करता। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि यदि किसी के अच्छे काम में सहयोग नहीं कर सकते तो कम से कम उसके काम में बाधा नहीं बनना चाहिए। पीयूष मिश्रा बोले- किताबों में खूब आनंद है कार्यक्रम में पीयूष मिश्रा के साथ टॉक शो आयोजित किया गया। इसमें 2009 बैच की पूर्व विद्यार्थी निशा थरानी और कुलगुरु विजय मनोहर तिवारी ने उनसे संवाद किया। विद्यार्थियों ने भी उनसे सवाल किए। पीयूष मिश्रा ने कहा कि कलाकार को अपनी कला का प्रदर्शन दिल से करना चाहिए। उन्होंने अपनी दिनचर्या साझा करते हुए बताया कि वे रोजाना करीब 40 मिनट वॉक करते हैं और 40 मिनट रियाज करते हैं। उन्होंने कहा कि इन दिनों वे नियमित रूप से ध्यान का अभ्यास भी कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि स्वामी विवेकानंद और महर्षि अरविंद का उनके जीवन पर प्रभाव रहा है। उन्होंने कहा कि जहां पॉलिटिक्स खत्म होती है, वहां से अध्यात्म शुरू होता है। आज की पीढ़ी बहुत स्मार्ट है जेन-जी पर पूछे गए सवाल पर पीयूष मिश्रा ने कहा कि आज की पीढ़ी बहुत स्मार्ट है। पीढ़ियों के बीच अंतर हमेशा रहा है, लेकिन हर पीढ़ी के युवाओं को भगत सिंह याद रहते हैं। युवाओं को स्वामी विवेकानंद को भी याद रखना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि भगत सिंह, महात्मा गांधी और सरदार पटेल के दौर में सोशल मीडिया होता तो संभव है कि उन्हें भी ट्रोल किया जाता। हमें अपने महापुरुषों को ट्रोल करने की प्रवृत्ति से बचना चाहिए। पीयूष मिश्रा ने विद्यार्थियों से कहा कि जमकर काम करें और काम करने में आनंद तलाशें। उन्होंने किताबें पढ़ने की आदत बढ़ाने की सलाह देते हुए कहा कि किताबों में खूब आनंद है। उन्होंने छात्रों से अपने काम में ‘एक्स्ट्रा ऑर्डिनरी’ बनने का आह्वान किया। साथ ही असम में आई प्राकृतिक आपदा में जाकर सहयोग करने की अपील भी की। विद्यार्थियों के आग्रह पर उन्होंने अपने कुछ गीत भी सुनाए।