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मासूम से दुष्कर्म की आरोपी टीचर को नहीं मिली जमानत, 3 दिन में करना होगा सरेंडर

Delhi High Court : दिल्ली हाई कोर्ट ने 15 जुलाई 2026 जनकपुरी स्कूल में तीन साल की बच्ची से कथित दुष्कर्म के मामले में आरोपी महिला की जमानत रद्द कर दी . पीटीआई न्यूज एजेंसी के मुताबिक, कोर्ट ने उसे निचली अदालत (POCSO) के समक्ष तीन दिन के भीतर आत्मसमर्पण (सरेंडर) करने का सख्त निर्देश दिया है. कोर्ट के इस फैसले को पीड़ित परिवार के लिए राहत माना जा रहा है.
शिकायतकर्ता की ओर से हुई पैरवी
शिकायतकर्ता की ओर से पेश हुए वकील और आम आदमी पार्टी (AAP) के नेता ऋषिकेश कुमार ने बताया कि पुलिस ने ट्रायल कोर्ट के जमानत आदेश को हाई कोर्ट में चुनौती दी थी. इस मामले में 8 जुलाई को विस्तृत बहस हुई थी, जिसके बाद हाई कोर्ट ने अपना फैसला सुनाते हुए जमानत रद्द कर दी.
स्कूल में तीसरे दिन हुआ था कथित अपराध
वकील ऋषिकेश कुमार ने कहा कि यह बेहद गंभीर मामला है. आरोप है कि राजधानी के एक नामी स्कूल में पढ़ने गई तीन साल की बच्ची के साथ उसके स्कूल जाने के तीसरे ही दिन कथित तौर पर दुष्कर्म हुआ. इस घटना ने न सिर्फ परिवार बल्कि पूरे देश को झकझोर दिया था और स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए थे.
ट्रायल कोर्ट का आदेश पलटा
दिल्ली हाई कोर्ट ने अपने आदेश में स्पष्ट कहा कि ट्रायल कोर्ट द्वारा दी गई जमानत उचित नहीं थी. अदालत ने आरोपी महिला टीचर को तीन दिनों के भीतर संबंधित अदालत के समक्ष सरेंडर करने का निर्देश दिया है. इसके साथ ही पुलिस को आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रखने की अनुमति भी मिल गई है.
अब आगे क्या होगा
हाई कोर्ट के इस फैसले के बाद अब आरोपी टीचर को निर्धारित समय के भीतर आत्मसमर्पण करना होगा. इसके बाद मामले की सुनवाई ट्रायल कोर्ट में आगे बढ़ेगी. पीड़ित पक्ष को उम्मीद है कि इस संवेदनशील मामले में जल्द सुनवाई पूरी होगी और दोषी पाए जाने पर कड़ी सजा मिलेगी.
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