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जालंधर के बिजली मुलाजिमों का विशाल धरना:पटियाला में पावरकॉम हेड ऑफिस के गेट बंद कर किया विरोध, पूरे पंजाब के कर्मचारियों ने घेरी मैनेजमेंट
पंजाब के पटियाला में जालंधर के बिजली कर्मचारियों की मांगों को लेकर 'बिजली मुलाज़म संघर्षशील मोर्चा' के बैनर तले आज एक बड़ा प्रदर्शन किया गया। आंदोलनकारियों ने पावरकॉम के मुख्य कार्यालय के सभी गेट बंद कर मैनेजमेंट के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की। इस धरने में जालंधर सर्किल सहित राज्यभर से आए सैकड़ों कर्मचारियों ने हिस्सा लिया। कर्मचारियों ने पुरानी पेंशन स्कीम की बहाली, वेतनमान में संशोधन और संविदा कर्मियों को पक्का करने जैसी अपनी प्रमुख मांगों को लेकर आर-पार की लड़ाई का ऐलान किया है और मांगें न माने जाने पर राज्यव्यापी आंदोलन की चेतावनी दी है। पटियाला पावरकॉम हेड ऑफिस पर तालाबंदी और प्रदर्शन आज, 15 जुलाई 2026 को 'बिजली मुलाज़म संघर्षशील मोर्चा' के आह्वान पर पावरकॉम के मुख्य कार्यालय (हेड ऑफिस), पटियाला के सभी मुख्य द्वारों को बंद कर एक विशाल रोष प्रदर्शन किया गया। इस विरोध प्रदर्शन में मोर्चा से जुड़ी विभिन्न संगठनों के नेताओं और बिजली विभाग के कर्मचारियों ने बड़ी संख्या में हिस्सा लिया। बड़े काफिले के साथ पहुंचे कर्मचारी इस धरने में 'एम्प्लॉइज संघर्ष यूनियन पावरकॉम ट्रांसको पंजाब' ने अपने प्रदेश अध्यक्ष करमजीत सिंह सिद्धू के नेतृत्व में एक विशाल काफिले के साथ शिरकत की। जालंधर सर्किल सहित पंजाब के अलग-अलग हिस्सों से आए कर्मचारियों की भारी मौजूदगी ने इस संघर्ष को और अधिक मजबूत बना दिया। मैनेजमेंट पर वादाखिलाफी और धोखे का आरोप धरने को संबोधित करते हुए प्रदेश अध्यक्ष करमजीत सिंह सिद्धू ने पावरकॉम और ट्रांसको मैनेजमेंट पर तीखे प्रहार किए। उन्होंने कहा की पावरकॉम और ट्रांसको मैनेजमेंट लगातार कर्मचारियों के साथ धोखा कर रही है। बैठकों के लिए बार-बार समय तो तय किया जाता है, लेकिन जब मांगों के समाधान की बात आती है, तो मप्रबंधन पीछे हट जाता है। यह टालमटोल का रवैया कर्मचारियों के सब्र का इम्तिहान ले रहा है, जिसे अब और बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।" बिजली कर्मचारियों की मुख्य मांगें कर्मचारी लंबे समय से अपनी जायज मांगों को लेकर संघर्षरत हैं। उनकी प्रमुख मांगें पुरानी पेंशन योजना (OPS): राज्य में पुरानी पेंशन स्कीम को तुरंत बहाल किया जाए। वेतनमान संशोधन: कर्मचारियों के लिए ₹35,400 का स्केल और पंजाब के नए वेतनमान लागू किए जाएं। भर्ती विसंगतियां दूर करना: 16 जुलाई 2020 से पहले और बाद में भर्ती हुए कर्मचारियों की मांगों का तत्काल समाधान हो। समयबद्ध पदोन्नति: CRA 298/21 और CRA 291/17 के कर्मचारियों को ट्रांसको की तर्ज पर तीन साल की सेवा के बाद पदोन्नति दी जाए। विभाग में वापसी: CRA 312/25 के तहत आने वाले कर्मचारियों को वापस पावरकॉम में भेजा जाए। नियमितीकरण: विभाग में कार्यरत पार्ट-टाइम स्वीपर्स को नियमित (रैगुलर) किया जाए। आंदोलन को और तेज करने की चेतावनी धरने पर बैठे अन्य यूनियन नेताओं ने भी मैनेजमेंट को स्पष्ट चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि यदि मैनेजमेंट ने जल्द ही टेबल टॉक के जरिए इन सभी जायज मांगों का ठोस समाधान नहीं निकाला, तो आने वाले दिनों में इस संघर्ष को और अधिक उग्र किया जाएगा। भविष्य में होने वाले किसी भी राज्यस्तरीय बड़े आंदोलन और उससे होने वाले नुकसान की पूरी जिम्मेदारी पावरकॉम मैनेजमेंट की होगी। एकजुटता ही सबसे बड़ी ताकत प्रदर्शन के दौरान विभिन्न कर्मचारी संगठनों के वक्ताओं ने सभी कर्मचारियों को आपसी एकता बनाए रखने की अपील की। नेताओं ने संदेश दिया कि कर्मचारियों की एकजुटता ही उनकी सबसे बड़ी ताकत है और इसी के बल पर वे अपने अधिकार हासिल करके रहेंगे।