Monday, 10 August 2026
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रोहतक में केंद्रीय ट्रेड यूनियन सदस्यों ने दी गिरफ्तारियां:10 बसों में गए प्रदर्शनकारी, सरकार के खिलाफ की नारेबाजी, पुलिस लाइन में किया रिहा

INT News10 August 2026 at 02:41 pm

रोहतक में केंद्रीय ट्रेड यूनियन व संयुक्त किसान मोर्चा के सदस्यों ने सरकार के खिलाफ मांगों को लेकर विरोध प्रदर्शन किया और जेल भरो आंदोलन के तहत डीसी ऑफिस के बाहर से गिरफ्तारियां दी। पुलिस प्रशासन ने प्रदर्शनकारियों को 10 बसों में बैठाकर पुलिस लाइन ले जाकर रिहा कर दिया। प्रदर्शन के दौरान जनवादी महिला समिति के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष जगमति सांगवान ने कहा कि आज देश छोड़ों आंदोलन की 84वीं वर्षगांठ है। आज हर वर्ग ने अपने हक की लड़ाई के लिए आवाज उठाई है। श्रम कानून बदल दिए गए। महिला आरक्षण बिल को परीसिमन के साथ जोड़ा गया। बिजली विभाग का निजीकरण किया जा रहा है, जिसके खिलाफ विरोध प्रदर्शन है। गिरफ्तार नहीं किए तो देंगे सड़क पर धरना

जगमति सांगवान ने कहा कि आज जेल भरने का आह्वान है, जिसके चलते सभी गिरफ्तारी देंगे। अगर प्रशासन उन्हें गिरफ्तार नहीं करेगा तो डीसी ऑफिस के बाहर ही धरना देंगे। महिलाओं को कहीं प्लाट के नाम पर ठगा गया तो कहीं आशा वर्कर के साथ धोखा हुआ है। सरकार को सफाई कर्मचारी व बिजली कर्मचारियों से बातचीत कर समाधान करना चाहिए। किसानों को आंदोलन में जाने से रोक रही सरकार

भारतीय किसान यूनियन से मोनिका नैन ने कहा कि सरकार ने आज तक जो नीतियां बनाई है, उनका विरोध कर रहे है। किसान जब भी मीटिंग की कॉल देते है तो किसान नेताओं को डिटेन कर लिया जाता है। सरकार किसान नेताओं को गुंडा व आतंकवादी बता रही है तो आज उन्हें गिरफ्तारी देने के लिए आए है। कर्मचारियों को कावड़ लाने से रोक रहा प्रशासन

मोनिक नैन ने कहा कि सरकारी विभागों में कार्यरत ड्राइवर अपने हक की लड़ाई लड़ रहे है। आज प्रशासन कावड़ लाने वालों पर फूल बरसा रहा है, जबकि कावड़ लाने वाले कर्मचारियों को रास्ते में ही रोका जा रहा है। उन्हें पकड़कर हिरासत में लिया जा रहा है। कर्मचारियों की आस्था को चोट पहुंचाई जा रही है। धर्म की आड़ में चंदा चोरी कर रही सरकार

मोनिका नैन ने कहा कि सरकार की मंशा है कि जो लोग संघर्ष करते है, उनके संघर्ष को दबाया जा सके। एक तरफ धर्म का नारा लगा रहे है, दूसरी तरफ कावड़ियों को जेल में डाल रहे है। देश में किस प्रकार से धर्म की आड़ में चंदा चोरी हो रही है, यह किसी से छुपा नहीं है। प्रदर्शनकारियों की ये रही मांगे

विरोध प्रदर्शन करने वालों ने सरकार ने अमेरिका के साथ ट्रेड डील रद्द करने, बिजली कानून, स्मार्ट मीटर योजना, एग्री डिस्कॉम वापिस लेने की मांग की। साथ ही लेबर कोड वापिस लेने, न्यूनतम वेतन देने, MSP की गारंटी व बीज बिल वापिस लेने की मांग की। डीसी ऑफिस के बाहर गिरफ्तारियों के लिए बैठे रहे प्रदर्शनकारी

विरोध प्रदर्शन करते हुए सामाजिक संगठन जब डीसी ऑफिस पहुंचे तो प्रशासन की बस कम पड़ गई है। प्रशासन ने तीन बस बुलाई थी, जो भरने के बाद भी लोग गिरफ्तारी देने का इंतजार करते रहे। उसके बाद ओर बस बुलाई गई। करीब 10 बसों में प्रदर्शनकारियों को डीसी ऑफिस से पुलिस लाइन तक लाया गया।