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हिसार में एनएच-9 पर 2 किमी लंबा मेगा फ्लाईओवर बनेगा:सिरसा चुंगी से बगला रोड तक होगी दूरी; दो ब्लैक स्पॉट होंगे खत्म
हिसार में नेशनल हाईवे-9 पर सिरसा चुंगी से लेकर बगला रोड तक ट्रैफिक जाम और हादसों को रोकने के लिए 2 किलोमीटर लंबा मेगा फ्लाईओवर प्रस्तावित किया गया है। लंबे समय से चर्चाओं में रही यह बड़ी परियोजना अब धरातल पर उतरती दिखाई दे रही है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने इस पर तेजी से काम शुरू कर दिया है। पहले चरण में विस्तृत सर्वेक्षण के साथ-साथ जियोटेक्निकल जांच, ट्रैफिक अध्ययन, कार्यकारी ड्रॉइंग और व्यवहार्यता अध्ययन (फिजिबिलिटी स्टडी) तैयार की जा रही है। इन्हीं के आधार पर प्रोजेक्ट की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) और अंतिम लागत अनुमान तैयार किया जाएगा। इस मेगा फ्लाईओवर की शुरुआत ब्लू बर्ड झील के पास से होगी और यह बगला रोड तक पहुंचेगा। यह पूरी तरह 6-लेन का डबल फ्लाईओवर होगा। फ्लाईओवर के साथ दोनों तरफ चौड़ी सर्विस रोड भी बनाई जाएंगी, ताकि स्थानीय दुकानदारों और निवासियों के वाहनों को आने-जाने में कोई दिक्कत न हो। इस प्रोजेक्ट से हादसों पर लगेगा लगाम सिरसा चुंगी और बगला रोड जंक्शन पर होने वाली सड़क दुर्घटनाओं को कम करने में यह मील का पत्थर साबित होगा। इन दोनों प्रमुख पॉइंट को ब्लैक स्पॉट घोषित किया जा चुका है। सिरसा की ओर से आने वाले वाहन बिना किसी कट या लालबत्ती के सीधे फ्लाईओवर के ऊपर से दिल्ली की तरफ निकल सकेंगे। नीचे बनेगा आधुनिक गोलचक्कर, आपस में जुड़ेंगे ये 4 बड़े मार्ग
फ्लाईओवर का डिजाइन हांसी बाईपास (दिल्ली की ओर) स्थित आधुनिक मल्टी-लेवल फ्लाईओवर की तर्ज पर तैयार किया जा रहा है। सिरसा चुंगी पर एक बड़ा और आधुनिक गोलचक्कर विकसित किया जाएगा। इसके माध्यम से सेक्टर-14 और 33 के लिए प्रस्तावित नई सड़क, बस स्टैंड से आने वाला मुख्य मार्ग, बगला रोड और हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी रोड आपस में जुड़ेंगे। मंत्री रणबीर गंगवा की पहल पर 'विजन-2029' में शामिल
लोक निर्माण एवं जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी मंत्री रणबीर गंगवा ने NHAI की समीक्षा बैठक में इस जंक्शन को प्रमुख ब्लैक स्पॉट बताते हुए इसे सर्वोच्च प्राथमिकता वाले प्रोजेक्ट्स में शामिल करवाया है। वे केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी को भी इस प्रोजेक्ट से अवगत करा चुके हैं। केंद्रीय मंत्री की सहमति के बाद इस पर तकनीकी बारीकियों से काम शुरू हुआ है। इसे 'विकसित हिसार विज़न-2029' के प्रोजेक्ट नंबर-23 के रूप में शामिल किया गया है।