समाचार · मध्य प्रदेश
रील्स देखकर समझे अमीर, व्यापारी के बेटे का अपहरण:पन्ना में 3 आरोपी गिरफ्तार, हथियार बरामद; बोले- धोखा हो गया
पन्ना में सोशल मीडिया पर 'अमीरी का दिखावा' एक कपड़ा व्यापारी के बेटे के अपहरण का कारण बना। अपहरणकर्ताओं ने 10 लाख रुपए की फिरौती मांगी थी। पन्ना पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए अपहृत युवक को सुरक्षित छुड़ा लिया और घटना में शामिल तीनों आरोपियों को हथियारों सहित गिरफ्तार कर लिया। यह घटना 27 जून 2026 को हुई, जब पवई के कपड़ा व्यापारी राजेश कुमार डेंगरे के 19 वर्षीय बेटे अंशुल उर्फ कान्हा डेंगरे का अपहरण कर लिया गया। कुछ ही देर बाद परिवार को एक अज्ञात नंबर से फोन आया, जिसमें अंशुल की रिहाई के बदले 10 लाख रुपए की फिरौती मांगी गई। परिजनों ने तत्काल पवई थाने में इसकी सूचना दी। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक निवेदिता नायडू ने तुरंत कार्रवाई का निर्देश दिया। पवई थाना प्रभारी निरीक्षक सुशील कुमार अहिरवार के नेतृत्व में एक विशेष रेस्क्यू टीम का गठन किया गया। पुलिस टीम ने तकनीकी इनपुट्स का उपयोग करते हुए अपहृत कान्हा को कम समय में सकुशल बरामद कर उसके माता-पिता को सौंप दिया। हालांकि, पुलिस के बढ़ते दबाव के कारण आरोपी उस समय मौके से भागने में सफल रहे थे। इनको किया गिरफ्तार पुलिस ने आरोपियों की तलाश जारी रखी और साइबर सेल तथा विशेष टीम ने मुखबिरों का जाल बिछाया। पुख्ता जानकारी मिलने के बाद, पुलिस ने शनिवार 4 जुलाई को घेराबंदी कर तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में राजकमल रजक (19 वर्ष), राजकुमार पाल (25 वर्ष) और शिवेंद्र सिंह (18 वर्ष) शामिल हैं, ये सभी ग्राम सिमरा कला, पवई के निवासी हैं। राजकमल रजक के बैंक खाते में फिरौती की रकम भेजी गई थी। पुलिस ने आरोपियों के पास से पिस्तौल, कट्टे और बाइक भी बरामद की है। सोशल मीडिया की रील्स देखकर बनाई योजना पूछताछ के दौरान आरोपियों ने कुबूल किया कि कान्हा अक्सर सोशल मीडिया पर अपने महंगे स्मार्टफोन और समृद्ध जीवनशैली की तस्वीरें व वीडियो साझा करता था। उसे बेहद अमीर समझकर आरोपियों ने कर्ज चुकाने और रातों-रात पैसा कमाने के चक्कर में इस सनसनीखेज वारदात की साजिश रच डाली। बस यहीं हमारे साथ धोखा हो गया। डेढ़ लाख रुपए खाते में किए थे ट्रांसफर
अपहरण के दौरान डरे-सहमे परिजनों ने आरोपियों के दबाव में आकर राजकमल रजक के बैंक खाते में ₹1,48,000 ट्रांसफर कर दिए थे। जैसे ही पुलिस को इसकी भनक लगी, पन्ना पुलिस और साइबर सेल ने फौरन नेशनल साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) की मदद ली। पुलिस ने बैंक से संपर्क कर उस खाते को तत्काल होल्ड (फ्रीज) करवा दिया। नतीजा यह हुआ कि आरोपी चाहकर भी एक रुपया नहीं निकाल पाए। यह पूरी रकम बैंक में सुरक्षित है, जिसे कानूनी प्रक्रिया के बाद पीड़ित परिवार को सौंप दिया जाएगा। हथियार और बाइक जब्त गिरफ्तार बदमाशों के पास से वारदात में इस्तेमाल की गई 1 देसी पिस्टल, 2 देसी कट्टे, 1 जिंदा कारतूस और 2 बाइक्स जब्त की गई हैं। कोर्ट में पेशी के बाद तीनों आरोपियों को पवई की उप-जेल (न्यायिक अभिरक्षा) भेज दिया गया है। इस पूरे ऑपरेशन को सफलता के मुकाम तक पहुंचाने में थाना प्रभारी निरीक्षक सुशील कुमार अहिरवार, उप निरीक्षक सरिता तिवारी, सहायक उप निरीक्षक राम सजीवन तिवारी, प्रधान आरक्षक नीरज रैकवार, विनोद कुमार, बुद्ध सिंह यादव, आरक्षक राहुल अहिरवार, रमाकांत कुर्मी, राकेश डुडवे और पन्ना साइबर सेल की पूरी टीम का विशेष योगदान रहा।