Saturday, 4 July 2026
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CDLU में LL.M. प्रवेश पर रोक विद्यार्थियों ने खोला मोर्चा:बोले-आरक्षण नीति की अनदेखी, प्रोफेसर भर्ती विज्ञापन पर उठाए सवाल, सौंपा ज्ञापन

INT News4 July 2026 at 04:53 pm

सिरसा की चौ. देवी लाल विश्वविद्यालय (CDLU) में शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए LL.M. (2 वर्षीय) पाठ्यक्रम पर रोक लगाने एवं UGC के आरक्षण संबंधी निर्देशों की अवहेलना के विरोध में विद्यार्थियों ने यूनिवर्सिटी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। इसे लेकर छात्रों में काफी रोष का माहौल है और सभी एकजुट हुए। शोधार्थियों एवं पूर्व छात्रों ने विरोध जताया और वीसी से मिले। वीसी को दो अलग-अलग विस्तृत ज्ञापन सौंपकर तत्काल हस्तक्षेप की मांग की। विद्यार्थियों ने कहा कि यदि यूनिवर्सिटी प्रशासन ने निर्धारित अवधि में LL.M. प्रवेश प्रक्रिया प्रारंभ नहीं की और UGC के आरक्षण संबंधी निर्देशों का पालन सुनिश्चित नहीं किया तो वे व्यापक आंदोलन शुरू करने के लिए बाध्य होंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी विश्वविद्यालय प्रशासन की होगी। ज्ञापन में उल्लेख किया कि पिछले शैक्षणिक सत्र में कुलपति ने विद्यार्थियों की बढ़ती मांग को देखते हुए LL.M. की 10 अतिरिक्त सीटों को स्वीकृति दी थी। जब विश्वविद्यालय स्वयं इस पाठ्यक्रम की बढ़ती आवश्यकता को स्वीकार कर चुका है तो इस वर्ष बिना किसी ठोस कारण के प्रवेश प्रक्रिया रोक देना पूरी तरह विरोधाभासी और दुर्भाग्यपूर्ण है। दौरान वीसी प्रो. विजय कुमार ने विद्यार्थियों को आश्वस्त किया कि इन सभी मुद्दों पर लगभग 10 दिनों के भीतर आवश्यक कार्रवाई और सकारात्मक विचार किया जाएगा। पाठयक्रम से बाहर रखना अन्याय विद्यार्थियों ने कहा, यूनविर्सिटी का LL.M. (2 वर्षीय) पाठ्यक्रम पिछले लगभग 20 वर्षों से संचालित हो रहा है और हरियाणा, पंजाब, राजस्थान सहित कई राज्यों के विधि स्नातकों के लिए उच्च विधिक शिक्षा का प्रमुख केंद्र रहा है। इसके बावजूद इस वर्ष प्रवेश अधिसूचना से LL.M. पाठ्यक्रम को बाहर रखना हजारों विद्यार्थियों के भविष्य के साथ अन्याय है। प्रोफेसर भर्ती विज्ञापन पर उठाए सवाल विद्यार्थियों ने विश्वविद्यालय द्वारा हाल ही में जारी Adjunct Faculty एवं Professor of Practice भर्ती विज्ञापनों पर भी गंभीर सवाल उठाए। ज्ञापन में आरोप लगाए कि इन विज्ञापनों में रिक्त पदों की संख्या का उल्लेख नहीं किया गया, SC, ST, OBC, EWS, PwD सहित आरक्षण नीति का कोई प्रावधान नहीं दिया, जबकि 16 फरवरी 2026 को UGC द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार 45 दिन या उससे अधिक अवधि की सभी अस्थायी नियुक्तियों में आरक्षण नीति लागू करना अनिवार्य है। समझौता नहीं होगा स्वीकार विद्यार्थियों ने मांग की कि विश्वविद्यालय प्रशासन UGC की आरक्षण नीति का पूर्ण और पारदर्शी अनुपालन सुनिश्चित करे तथा भविष्य की सभी अस्थायी एवं नियमित शिक्षकीय नियुक्तियों में संवैधानिक आरक्षण व्यवस्था को लागू करे। वरना किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। ये हैं मांगें: LL.M. (2 वर्षीय) पाठ्यक्रम की प्रवेश प्रक्रिया तत्काल प्रारंभ की जाए। UGC के 16 फरवरी 2026 के निर्देशों के अनुरूप सभी अस्थायी नियुक्तियों में आरक्षण नीति लागू की जाए। Adjunct Faculty एवं Professor of Practice भर्ती विज्ञापनों में आवश्यक संशोधन कर रिक्त पदों की संख्या, आरक्षण रोस्टर और चयन प्रक्रिया को पूर्णतः पारदर्शी बनाया जाए। विश्वविद्यालय में नियमित शिक्षकों की भर्ती UGC Regulations, 2018 के अनुसार शीघ्र प्रारंभ की जाए।