समाचार · झारखंड
वरिष्ठ समाजवादी नेता बुधन पाल का निधन, राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्र में शोक

गढ़वाः शहर के साहिजना निवासी वरिष्ठ समाजवादी नेता बुधन पाल का शुक्रवार को इलाज के दौरान निधन हो गया. उनके निधन की खबर से राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गयी. उन्हें संघर्षशील, ईमानदार और कुशल व्यवहार का धनी व्यक्ति बताया गया. गुरुवार की रात अचानक तबीयत बिगड़ने पर उन्हें अस्पताल ले जाया गया था, जहां इलाज के दौरान उन्होंने अंतिम सांस ली.
ये भी पढ़ें: BDO के औचक निरीक्षण में खुली स्वास्थ्य व्यवस्था की पोल, लैब बंद और जरूरी दवाएं गायब
मिथिलेश ठाकुर ने बताया समाज की धरोहर
बुधन पाल के निधन पर पूर्व मंत्री मिथिलेश ठाकुर ने गहरा शोक व्यक्त किया. अपने शोक संदेश में उन्होंने कहा कि समाज की धरोहर, वरिष्ठ समाजवादी नेता और प्रखर विचारक बुधन पाल के निधन का समाचार अत्यंत दुखद है. समाज के प्रति उनका समर्पण, उनके विचार तथा सामाजिक और राजनीतिक क्षेत्र में उनका योगदान सदैव स्मरणीय रहेगा. उन्होंने शोक संतप्त परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए ईश्वर से दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान देने और परिजनों व शुभचिंतकों को इस दुख को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की.
गिरिनाथ सिंह ने बताया अपना वफादार साथी
पूर्व मंत्री गिरिनाथ सिंह ने बुधन पाल के निधन पर शोक जताते हुए कहा कि 1993 से पहले से ही संघर्ष के हर दौर में वे उनके साथ साये की तरह खड़े रहे. तीन-चार दशकों का उनका साथ केवल राजनीतिक नहीं, बल्कि अटूट पारिवारिक रिश्ता था. उन्होंने कहा कि बुधन पाल के आकस्मिक निधन से उन्होंने अपना सबसे वफादार साथी, सच्चा मार्गदर्शक और परिवार का अहम सदस्य खो दिया है. गढ़वा के संघर्षों के मूक गवाह रहे बुधन पाल की निष्ठा और निस्वार्थ सेवा हमेशा याद रखी जायेगी.
ये भी पढ़ें: स्क्वायड डॉग भी नहीं सुलझा सका सत्येंद्र मेहता की मौत का रहस्य
कई लोगों ने जताया शोक
बुधन पाल के निधन पर सूरज गुप्ता, विजय केसरी, मुकेश कुमार, मनोज ठाकुर, डॉ. पतंजलि केसरी, सुशील केसरी, अखिलेश तिवारी और सन्नी चंद्रवंशी सहित कई लोगों ने शोक व्यक्त किया. लोगों ने उनके निधन को सामाजिक और राजनीतिक क्षेत्र के लिए अपूरणीय क्षति बताते हुए उनके योगदान को याद किया.