Saturday, 1 August 2026
INTइंडियन न्यूज़ ट्रस्टजहाँ सत्य मिले विश्वास से
ताज़ा खबरें

समाचार · झारखंड

14 महीने बाद जेल से बाहर आएंगे निलंबित IAS विनय चौबे, हजारीबाग वन भूमि घोटाले में सुप्रीम कोर्ट से मिली जमानत

INT News1 August 2026 at 08:21 am

रांची : झारखंड के चर्चित और निलंबित वरिष्ठ आईएएस अधिकारी विनय कुमार चौबे को सुप्रीम कोर्ट से बहुत बड़ी राहत मिली है. पिछले 14 महीनों से सलाखों के पीछे बंद विनय चौबे के जेल से बाहर आने का रास्ता साफ हो गया है. सुप्रीम कोर्ट की दो सदस्यीय पीठ जस्टिस अरविंद कुमार और जस्टिस विपुल एम पंचोली ने हजारीबाग वन भूमि घोटाले से जुड़े मामले में सुनवाई करते हुए उनकी जमानत याचिका को स्वीकार कर लिया है और रिहाई का आदेश जारी किया है. इससे पहले झारखंड हाई कोर्ट ने उनकी जमानत याचिका को खारिज कर दिया था, जिसके बाद उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में एसएलपी (क्रिमिनल) दायर कर न्याय की गुहार लगाई थी. हालांकि, शीर्ष अदालत ने राज्य सरकार को यह छूट भी दी है कि यदि वे चाहें तो जमानत रद्द कराने के लिए दोबारा कानूनी प्रक्रिया के तहत कोर्ट का दरवाजा खटखटा सकती हैं.

20 मई 2025 को हुई थी गिरफ्तारी

वरिष्ठ आईएएस अधिकारी विनय कुमार चौबे को भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने 20 मई 2025 को गिरफ्तार किया था. तब से वे विभिन्न मामलों में न्यायिक हिरासत में जेल में बंद थे. हजारीबाग वन भूमि घोटाले में दर्ज प्राथमिकी (11/2025) के तहत वे नवंबर 2025 से जेल में थे. सुप्रीम कोर्ट से राहत मिलने के बाद अब 14 महीने बाद उनके जेल से बाहर आने की पूरी संभावना है.

ये भी पढ़ें: JPSC नियुक्ति घोटाला: OMR गड़बड़ी के बाद रद्द हो सकती है परीक्षा, सवालों के स्पष्ट जवाब नहीं दे पाए एल खियांग्ते

चार प्रमुख मामलों में मिल चुकी है बेल

आईएएस विनय कुमार चौबे के अधिवक्ता देवेश अजमानी के अनुसार, उनके खिलाफ एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) की ओर से कुल चार अलग-अलग मामले दर्ज किए गए थे. इसमें हजारीबाग वन भूमि घोटाला भी शामिल है. इस मामले में अब सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिल गई है. इसके अलावा जमीन ट्रांसफर मामला, आय से अधिक संपत्ति मामला, शराब घोटाला मामले में भी अदालत से डिफॉल्ट बेल प्राप्त हो चुकी है. उनके खिलाफ जगन्नाथपुर थाने में भी एक मामला दर्ज है, लेकिन इस केस में पुलिस ने उन्हें रिमांड पर नहीं लिया था. सभी लंबित मामलों में जमानत की प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब उनकी रिहाई का मार्ग पूरी तरह प्रशस्त हो चुका है.

ये भी पढ़ें: जेबीवीएनएल में 3347 पद भरे जाएंगे, नवंबर माह तक शुरू होगी नियुक्ति प्रक्रिया