समाचार · मध्य प्रदेश
धार में जुलाई की बारिश ने पकड़ी रफ्तार:जुलाई में 17.3 इंच बारिश,सोयाबीन फसल को मिली नई संजीवनी
धार जिले में मानसून ने एक बार फिर रफ्तार पकड़ ली है। गुरुवार को दिनभर रुक-रुककर हुई बारिश और देर रात तक चले बारिश के दौर ने शहर सहित ग्रामीण क्षेत्रों को तरबतर कर दिया। गरज-चमक के साथ हुई इस बारिश से जहां मौसम सुहाना हो गया, वहीं किसानों के चेहरे भी खिल उठे। लगातार मिल रही नमी से खरीफ फसलों, विशेषकर सोयाबीन को बड़ा लाभ मिला है। जुलाई माह के बारिश के आंकड़े भी राहत देने वाले हैं। 31 जुलाई 2026 तक जिले में कुल 17.3 इंच बारिश दर्ज की गई है, जो पिछले वर्ष इसी अवधि में हुई 17.42 इंच वर्षा के लगभग बराबर है। इससे साफ है कि इस बार जुलाई में मानसून ने पिछले साल जैसी स्थिति बनाए रखी। पीथमपुर में सबसे ज्यादा, कुक्षी में सबसे कम बारिश जिले में सबसे अधिक 26.4 इंच बारिश पीथमपुर में दर्ज की गई है। वहीं कुक्षी और निसरपुर क्षेत्र अभी भी सामान्य बारिश से पीछे हैं। कुक्षी में पिछले वर्ष जुलाई के अंत तक 10.4 इंच बारिश हुई थी, जबकि इस वर्ष अब तक केवल 4.6 इंच वर्षा रिकॉर्ड की गई है। इससे इन इलाकों के किसानों की चिंता अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुई है। सोयाबीन फसल को मिला फायदा पिछले कुछ दिनों से लगातार हो रही बारिश से खेतों में पर्याप्त नमी बनी हुई है। इसका सबसे अधिक लाभ सोयाबीन की फसल को मिला है। लंबे समय से अच्छी बारिश का इंतजार कर रहे किसानों ने राहत की सांस ली है। समय पर मिली नमी से फसल की बढ़वार बेहतर होने की उम्मीद बढ़ गई है। किसानों को बेहतर उत्पादन की उम्मीद किसान रामेश्वर ने बताया कि फिलहाल सोयाबीन की फसल अच्छी स्थिति में है। समय पर हुई बारिश से खेतों में पर्याप्त नमी बनी हुई है। यदि आने वाले दिनों में भी इसी तरह बारिश होती रही, तो इस बार उत्पादन बेहतर रहने की पूरी संभावना है। मानसून से बढ़ी उम्मीदें कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि अगस्त में भी यदि मानसून सक्रिय रहा तो जिले की खरीफ फसलों को और मजबूती मिलेगी। फिलहाल मानसून की ताजा सक्रियता ने किसानों की चिंता कम कर दी है और बेहतर पैदावार की उम्मीद जगा दी है।