समाचार · छत्तीसगढ़
शक्कर की किल्लत...50 रुपए किलो बिक रहा:महंगाई और कालाबाजारी की आशंका पर सरकार सख्त, 4 हजार क्विंटल से ज्यादा स्टॉक पर रोक
त्योहारी सीजन से पहले शक्कर की किल्लत के नाम पर महंगाई और कालाबाजारी की आशंका को देखते हुए केंद्र सरकार ने सख्त कदम उठाए हैं। इसके चलते शक्कर की किल्लत की आशंका बढ़ गई है। यही वजह है कि बाजार में चीनी के दाम 50 रुपए प्रति किलो तक हो गई है। ऐसे में जमाखोरी पर रोक लगाने और आम उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए सरकार ने चीनी के स्टॉक पर सीमा तय कर दी है। अब कोई भी व्यापारी एक स्थान पर 4 हजार क्विंटल से अधिक चीनी का भंडारण नहीं कर सकेगा। यह व्यवस्था 1 अगस्त यानी आज से 30 नवंबर 2026 तक लागू रहेगी। केंद्र सरकार के निर्देश के बाद बिलासपुर खाद्य नियंत्रक ने जिले के सभी चीनी डीलरों, व्यापारियों, स्टॉकिस्ट, आयातकों और मिलरों को नए नियमों का पालन करने के निर्देश जारी किए हैं। सभी कारोबारियों को खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग के फूड स्टॉक मॉनिटरिंग पोर्टल पर पंजीयन कराना होगा और हर शुक्रवार उपलब्ध स्टॉक की ऑनलाइन जानकारी देनी होगी। पोर्टल पर देनी होगी स्टॉक की जानकारी, नहीं मानने पर होगी कार्रवाई
सरकार का मानना है कि त्योहारों के दौरान कुछ कारोबारी कृत्रिम कमी पैदा कर मुनाफाखोरी की कोशिश कर सकते हैं। इसे रोकने के लिए राजस्व और खाद्य विभाग संयुक्त रूप से गोदामों और प्रतिष्ठानों की निगरानी करेंगे। यदि किसी व्यापारी के पास निर्धारित सीमा से अधिक स्टॉक मिला या पोर्टल पर जानकारी दर्ज नहीं की गई, तो आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 के तहत कार्रवाई की जाएगी। खाद्य नियंत्रक अमृत कुजूर ने बताया कि सभी व्यापारियों को नए नियमों की जानकारी दी जा रही है। नियमों का पालन सुनिश्चित करने के लिए नियमित निरीक्षण किया जाएगा और उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। कहीं भी एक जगह 4 हजार क्विंटल से अधिक स्टॉक नहीं रख सकेंगे
केंद्र सरकार की अधिसूचना के अनुसार कोई भी चीनी डीलर देश में किसी भी स्थान पर एक समय में 4 हजार क्विंटल से अधिक चीनी का स्टॉक नहीं रख सकेगा। इसके अलावा किसी भी खेप को प्राप्त होने की तारीख से 30 दिन से अधिक अवधि तक भंडारित नहीं किया जा सकेगा। इन नियमों का उद्देश्य जमाखोरी और कृत्रिम अभाव की स्थिति रोकना है। राजस्व और खाद्य विभाग करेंगे निगरानी
खाद्य संचालनालय ने सभी कलेक्टरों को निर्देश दिया है कि जिले के चीनी व्यापारियों की बैठक लेकर उन्हें नए नियमों की जानकारी दी जाए। साथ ही राजस्व और खाद्य विभाग के अधिकारी नियमित रूप से व्यापारिक प्रतिष्ठानों की निगरानी करेंगे। यदि किसी व्यापारी के पास निर्धारित सीमा से अधिक चीनी का स्टॉक पाया जाता है तो उसके खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 के तहत कार्रवाई की जाएगी। त्योहारी सीजन को देखते हुए लिया गया फैसला
केंद्र सरकार ने यह निर्णय आगामी त्योहारी सीजन में चीनी की उपलब्धता बनाए रखने, जमाखोरी रोकने और कीमतों को नियंत्रित रखने के उद्देश्य से लिया है। हाल के महीनों में चीनी के एक्स-मिल दामों में वृद्धि और सट्टा कारोबार की आशंकाओं को देखते हुए यह कदम उठाया गया है। सरकार का कहना है कि देश में चीनी की पर्याप्त उपलब्धता है और कृत्रिम कमी पैदा करने की कोशिशों पर सख्ती से रोक लगाई जाएगी। व्यापारी संघ को भी दी गई जिम्मेदारी
बिलासपुर खाद्य नियंत्रक ने व्यापारी संघ (व्यापार विहार) को निर्देशित किया है कि वह जिले के सभी चीनी डीलरों और व्यापारियों तक यह आदेश पहुंचाए तथा सभी को पोर्टल पर पंजीयन और नियमित साप्ताहिक स्टॉक अपडेट सुनिश्चित कराने में सहयोग करे। आदेश के पालन में लापरवाही मिलने पर संबंधित व्यापारी के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। किल्लत के बहाने बढ़ाई शक्कर की कीमत
इधर, खाद्य नियंत्रक के आदेश की की जानकारी व्यापारियों तक पहुंचते ही शक्कर कीमतों में बढ़ोतरी कर दी गई है। शहर में कुछ दिन पहले शक्कर 45 रुपए प्रति किलो चिल्हर में बिक रहा था, जिसे अब बढ़ाकर 50 रुपए कर दिया गया है। इस आदेश के बाद व्यापारियों को आशंका है कि त्योहारी सीजन में शक्कर की किल्लत हो सकती है, जिसके चलते कीमतें बढ़ाई गई है।