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उफान पर घोड़ा पछाड़ नदी, एक-दर्जन गांवों का संपर्क टूटा:अंबाड़ी-डोला घाट मार्ग की 24 लाख की पुलिया क्षतिग्रस्त
दीवानगंज क्षेत्र में रातभर हुई तेज बारिश के कारण नदी-नाले उफान पर आ गए हैं। मुस्काबाद और ग्राम सत्ती के बीच स्थित घोड़ा पछाड़ नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ गया। नदी का पानी पुल से करीब 8 फीट ऊपर बहने लगा, जिसके चलते पुल पर आवागमन पूरी तरह बंद हो गया है। तेज बहाव के कारण आसपास के करीब एक दर्जन गांवों का हाईवे से संपर्क टूट गया है। करीब 20 दिनों के अंतराल के बाद हुई इस तेज बारिश से किसानों को राहत मिली है, लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में रास्ते बंद होने से लोगों की परेशानी बढ़ गई है। प्रशासन ने लोगों से उफनती नदियों और नालों को पार नहीं करने और जलभराव वाले इलाकों से दूर रहने की अपील की है। घोड़ा पछाड़ नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ा रातभर हुई तेज बारिश का असर क्षेत्र की नदियों और नालों पर दिखाई दिया। मुस्काबाद और ग्राम सत्ती के बीच बहने वाली घोड़ा पछाड़ नदी में अचानक पानी बढ़ गया। जलस्तर बढ़ने के बाद नदी का पानी पुल के ऊपर से बहने लगा। स्थिति इतनी गंभीर हो गई कि पुल से करीब 8 फीट ऊपर तक पानी का तेज बहाव देखने को मिला। पानी की रफ्तार को देखते हुए पुल से वाहनों और लोगों की आवाजाही पूरी तरह रोक दी गई है। करीब एक दर्जन गांवों का हाईवे से संपर्क टूटा घोड़ा पछाड़ नदी के पुल पर पानी आने के कारण आसपास के करीब एक दर्जन गांवों का हाईवे से संपर्क टूट गया है। ग्रामीणों के लिए इस मार्ग से आवागमन करना फिलहाल संभव नहीं है। तेज बहाव के कारण पुल से होकर निकलना जोखिम भरा हो गया है। ऐसे में लोगों को रास्ता खुलने तक इंतजार करना पड़ रहा है। प्रशासन की ओर से भी ग्रामीणों को उफनते पानी के बीच पुल पार नहीं करने की सलाह दी गई है। 20 दिन बाद हुई तेज बारिश से किसानों को राहत क्षेत्र में करीब 20 दिनों के अंतराल के बाद तेज बारिश हुई है। लंबे समय से बारिश का इंतजार कर रहे किसानों के लिए यह बारिश राहत लेकर आई है। खेतों में फसलों को पानी मिलने से किसानों की चिंता कुछ कम हुई है। हालांकि, इस बार मानसून के दौरान यह पहली बार है जब क्षेत्र की नदियां और नाले इस तरह उफान पर पहुंचे हैं। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में जहां किसानों को राहत मिली, वहीं आवागमन की समस्या भी खड़ी हो गई है। पहली बार इस मानसून में नदियां-नाले उफने स्थानीय स्तर पर इस मानसून में पहली बार क्षेत्र की नदियों और नालों में इतना पानी आया है कि उनका बहाव तेज हो गया और रास्तों पर असर पड़ा। घोड़ा पछाड़ नदी का पानी पुल के ऊपर से बहने के कारण रास्ता बंद करना पड़ा। ग्रामीण इलाकों में नदी-नालों के आसपास रहने वाले लोगों को भी सावधानी बरतने के लिए कहा गया है। प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर रख रहा है। अंबाड़ी के डोला घाट की पुलिया भी क्षतिग्रस्त इसी बीच अंबाड़ी के डोला घाट मार्ग पर बनी पुलिया भी तेज बारिश के कारण क्षतिग्रस्त हो गई है। करीब 24 लाख रुपये की लागत से इस पुलिया का निर्माण लगभग दो साल पहले किया गया था। तेज बारिश के कारण पुलिया के आसपास की मिट्टी बह गई। इससे पुलिया की स्थिति प्रभावित हुई है और इस मार्ग पर भी आवागमन बाधित होने की आशंका बनी हुई है। दो साल में ही पुलिया के आसपास की मिट्टी बही अंबाड़ी के डोला घाट मार्ग की पुलिया को बने अभी करीब दो साल ही हुए हैं। तेज बारिश के बाद इसके आसपास की मिट्टी बह जाने से पुलिया क्षतिग्रस्त हो गई। इससे स्थानीय लोगों में चिंता है कि अगर बारिश का दौर जारी रहा तो पुलिया को और नुकसान हो सकता है और मार्ग पर आवागमन पूरी तरह बंद करना पड़ सकता है। 2006 में भी बारिश में बह गई थी पुलिया स्थानीय निवासियों के अनुसार, वर्ष 2006 में भी इसी मार्ग पर बनी एक पुलिया बारिश के दौरान बह गई थी। इसके बाद ग्रामीणों को लंबे समय तक परेशानी का सामना करना पड़ा। करीब 20 साल के इंतजार के बाद इस मार्ग पर नई पुलिया का निर्माण किया गया था। लोगों को उम्मीद थी कि नई पुलिया बनने से बारिश के दिनों में रास्ते की समस्या दूर हो जाएगी। 20 साल बाद बनी पुलिया फिर परेशानी में नई पुलिया बनने के करीब दो साल बाद ही तेज बारिश में इसके आसपास की मिट्टी बह गई और पुलिया क्षतिग्रस्त हो गई। इससे एक बार फिर रास्ता बंद होने की स्थिति बन गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि पुलिया को लेकर लंबे समय तक इंतजार करने के बाद निर्माण हुआ था, लेकिन अब दो साल में ही इसके आसपास की मिट्टी बहने से इसकी मजबूती और निर्माण की स्थिति को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। प्रशासन ने लोगों को सावधानी बरतने कहा नदी और पुलिया दोनों जगह की स्थिति को देखते हुए प्रशासन लगातार नजर रख रहा है। लोगों से उफनती नदियों और नालों को पार नहीं करने की अपील की गई है। इसके साथ ही जलभराव वाले क्षेत्रों से सुरक्षित दूरी बनाए रखने और तेज बहाव वाले रास्तों पर जाने से बचने की सलाह दी गई है। प्रशासन का कहना है कि पानी का बहाव कम होने तक लोगों को किसी तरह का जोखिम नहीं उठाना चाहिए। किसानों को राहत, लेकिन आवागमन की चुनौती तेज बारिश से जहां खेतों में फसलों को पानी मिला है और किसानों को राहत मिली है, वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन की चुनौती बढ़ गई है। घोड़ा पछाड़ नदी के पुल पर पानी आने से करीब एक दर्जन गांवों का हाईवे से संपर्क प्रभावित हुआ है। दूसरी ओर अंबाड़ी के डोला घाट मार्ग की पुलिया क्षतिग्रस्त होने से वहां भी रास्ता प्रभावित होने की आशंका है। प्रशासन दोनों स्थानों की स्थिति पर नजर बनाए हुए है और लोगों को सुरक्षित रहने की सलाह दी गई है।