Monday, 17 August 2026
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11000 फीट पर बटर फेस्टिवल आज, दयारा बुग्याल में दूध, दही और मक्खन से खेली जाती है होली

INT News17 August 2026 at 11:39 am

सुरेन्द्र नौटियाल, उत्तरकाशीButter Festival at 11000 Feet: समुद्रतल से 11 हजार फीट की ऊंचाई और 28 वर्ग किमी में फैले दयारा बुग्याल में आज ऐतिहासिक और पारंपरिक अढूंड़ी उत्सव(बटर फेस्टिवल) मनाया जा रहा है। इस दौरान स्थानीय लोग और पर्यटक दूध, दही और मक्खन वाली होली खेलते नजर आने वाले हैं। आयोजन से पूर्व गंगोत्री विधायक सुरेश चौहान ने समेश्वर देवता की डोली के साथ ग्रामीणों के एक जत्थे को दयारा बुग्याल के लिए रवाना किया और पारंपरिक अढूंड़ी पर्व की शुभकामना एवं बधाई दी।स्थनीय ग्रामीण एवं देश-विदेश से आने वाले पर्यटक मखमली घास में खिले रंग-बिरंगे फूलों की महक के बीच सोमवार को दूध, मक्खन की होली खेलेंगे। इस आयोजन में शामिल होने के लिए स्थानीय लोगों सहित विभिन्न राज्यों एवं जनपदों के लोग रैथल पहुंच गए हैं। भटवाड़ी ब्लॉक के रैथल गांव से सात किमी. की दूरी पर दयारा बुग्याल में हर वर्ष रैथल के ग्रामीण भाद्रपद महीने की संक्राति को पारंपरिक रूप से अढूंड़ी उत्सव का आयोजन करते हैं।प्रकृति को समर्पित इस पर्व में दूध, मक्खन, मट्ठा की होली खेल कर प्रकृति के प्रति अपना सम्मान दर्शाया जाता है। सोमवार को आयोजित होने वाले इस दूध, दही मक्खन की होली खेलने के लिए स्थानीय ग्रामीण, दयारा पर्यटन समिति के पदाधिकारी एवं वन, राजस्व व पर्यटन विभाग के अधिकारी रविवार सांय को दयारा पहुंच गए हैं। वहीं अन्य आसपास क्षेत्रों से आने वाले लोग सोमवार सुबह कार्यक्रम में शामिल होंगे।प्रकृति की पूजा कर मनाते हैं उत्सवउत्तरकाशी। दयारा पर्यटन उत्सव समिति रैथल के अध्यक्ष मनोज राणा ने बताया कि रैथल और आसपास स्थित गांवों के लोग गर्मियों की शुरूआत में अपने मवेशियों के साथ दयारा बुग्याल की छानियों में चले जाते हैं।वहां ग्रामीण मवेशियों के साथ पूरी गर्मियां बिताते हैं। मानसून के साथ ही बुग्याल में ठंड बढ़ने लगती है, इसलिए ग्रामीणों के वापस लौटने का सिलसिला भी शुरू हो जाता है। बुग्याल में रहकर मवेशियों के दूध में अप्रत्याशित वृद्धि होती है। बताया कि हाईकोर्ट की गाइड लाइन का अनुपालन करते हुए बुग्याल से 800 मीटर की दूरी पर चिडापड़ा व गोई में व्यवस्था की गई है। सोमवार को पारंपरिक रीति रिवाज, वेष भूषा के साथ विधिवत पूजा-अर्चना करने के बाद दूध मक्कखन की होली खेली जायेगी। रैथल में सांस्कृतिक संध्या होगी।