Tuesday, 21 July 2026
INTइंडियन न्यूज़ ट्रस्टजहाँ सत्य मिले विश्वास से
ताज़ा खबरें

समाचार · मध्य प्रदेश

झाबुआ अंचल में इंद्रदेव को मनाने उज्जैनी का आयोजन:बारिश के लिए ग्रामीणों ने की पूजा; अब तक जिले में कुल 184 मिमी बारिश ही दर्ज

INT News21 July 2026 at 12:55 pm

झाबुआ जिले के पेटलावद, रायपुरिया समेत कई गांवों और कस्बों में लंबे समय से बारिश नहीं होने से चिंतित ग्रामीणों ने मंगलवार को पारंपरिक उज्जैनी का आयोजन किया। ग्रामीणों ने इंद्रदेव की पूजा-अर्चना कर अच्छी बारिश की कामना की। इसके बाद सुबह से शुरू हुई रिमझिम बारिश ने किसानों के चेहरों पर उम्मीद लौटा दी। किसानों ने इसे खरीफ फसलों के लिए राहत भरी बारिश बताया। इंद्रदेव को नैवेद्य अर्पित कर की बारिश की प्रार्थना उज्जैनी परंपरा के तहत गांव के सभी परिवारों ने अपने-अपने घरों के बाहर भोजन तैयार किया। पहले इंद्रदेव को नैवेद्य अर्पित कर पूजा-अर्चना की गई, इसके बाद पूरे परिवार ने वहीं भोजन ग्रहण किया। इस दौरान गांव के लोग मंदिरों में भी पहुंचे और तेल, सिंदूर, नारियल, अगरबत्ती व श्रीफल चढ़ाकर अच्छी बारिश, हरियाली और सुख-समृद्धि की कामना की। रायपुरिया निवासी शिवराम भाई ने बताया कि उज्जैनी का आयोजन करते ही सुबह से हल्की बारिश शुरू हो गई। ग्रामीण इसे इंद्रदेव की कृपा मान रहे हैं। उनका कहना है कि लंबे समय से बारिश नहीं होने के कारण खेतों में बोई गई खरीफ फसलें प्रभावित होने लगी थीं। ऐसे में यह बारिश किसानों के लिए किसी अमृत से कम नहीं है। पूरे दिन बंद रहे बाजार, ग्रामीण पूजा-पाठ में रहे शामिल उज्जैनी के दौरान गांवों में अधिकांश प्रतिष्ठान बंद रहे। ग्रामीण सामूहिक रूप से धार्मिक अनुष्ठानों में शामिल हुए। खेतों और मंदिरों में बड़ी संख्या में लोग पहुंचे और क्षेत्र में अच्छी वर्षा तथा पशु-पक्षियों के लिए पर्याप्त पानी और चारे की व्यवस्था की प्रार्थना की। पेटलावद, सारंगी, टेमरिया, बरवेट सहित अंचल के कई गांवों में भी उज्जैनी मनाई गई और मंदिरों में हवन-पूजन किया गया। बारिश की कमी से चिंतित थे किसान क्षेत्र में 8 जुलाई को 44.4 मिमी वर्षा दर्ज की गई थी। इसके बाद लंबे समय तक अच्छी बारिश नहीं हुई। 1 जून से अब तक जिले में कुल 184 मिमी बारिश ही दर्ज की गई है, जो सामान्य से कम मानी जा रही है। लगातार बारिश नहीं होने से सोयाबीन, मक्का और अन्य खरीफ फसलों पर नमी का संकट बढ़ने लगा था। मंगलवार की रिमझिम बारिश से खेतों में नमी लौटी है और किसानों को अच्छी फसल की उम्मीद जगी है।