समाचार · छत्तीसगढ़
उच्च शिक्षा के लिए जमीन गिरवी रखने की शर्त बरकरार:CGDF ने सरकार की मंशा पर उठाए सवाल, बाध्यता खत्म करने का दिया था भरोसा
प्रदेश में उच्च शिक्षा हासिल करने के लिए चिकित्सकों को जमीन और संपत्ति गिरवी रखने की शर्त से अब तक राहत नहीं मिल पाई है। सरकार की ओर से इस बाध्यता को खत्म करने का आश्वासन दिए जाने के बावजूद स्वास्थ्य विभाग के हालिया पत्र में जमीन बंधक रखने का उल्लेख किया गया है। इससे चिकित्सकों को राहत देने के सरकारी भरोसे पर सवाल उठने लगे हैं। छत्तीसगढ़ डॉक्टर्स फेडरेशन (सीजीडीएफ) ने इस मामले में सरकार के रुख पर सवाल उठाए हैं। फेडरेशन का कहना है कि उच्च अध्ययन के लिए अनुमति और एनओसी से जुड़े प्रकरणों में विभाग के पत्र में अब भी जमीन बंधक रखने की शर्त का उल्लेख है। ऐसे में यह स्पष्ट नहीं है कि इस बाध्यता को खत्म करने के लिए अब तक क्या फैसला लिया गया है। आदेश जारी नहीं होने से असमंजस चिकित्सकों को विशेषज्ञता हासिल करने के लिए उच्च शिक्षा की जरूरत होती है। इसके लिए उन्हें अपनी जमीन या पैतृक संपत्ति गिरवी रखनी पड़े तो परिवार की आर्थिक सुरक्षा पर भी असर पड़ सकता है। चिकित्सक संगठनों का मानना है कि उच्च शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए ऐसी शर्तों को हटाकर प्रक्रिया सरल की जानी चाहिए। सरकार की ओर से पहले इस बाध्यता को समाप्त करने का भरोसा दिया गया था, लेकिन अब तक आदेश जारी नहीं होने से चिकित्सकों में असमंजस है। फेडरेशन ने सरकार से इस मामले में स्थिति स्पष्ट करने और जमीन बंधक रखने की शर्त खत्म करने के लिए जल्द आदेश जारी करने की मांग की है।