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एक साल से पति लापता, जेठ-देवर पर 6 बीघा जमीन कब्जाने का आरोप... दंडवत होकर DM के दरबार पहुंची महिला, जानें पूरा मामला

UP News: उत्तर प्रदेश के हमीरपुर में बुधवार को एक महिला का दर्द उस समय सबके सामने आ गया, जब वह जमीन पर लेटकर दंडवत करते हुए जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचने लगी. महिला की हालत देखकर वहां मौजूद कर्मचारी भी हैरान रह गए. महिला का पति करीब एक साल से लापता है. परिवार चलाने के लिए उसे मजदूरी करनी पड़ रही है. ऊपर से जेठ और देवर पर पति के हिस्से की छह बीघा जमीन कब्जाने का आरोप है. कई बार अधिकारियों के चक्कर लगाने के बाद भी राहत नहीं मिली तो महिला ने न्याय मांगने का यह तरीका अपनाया. आखिर ऐसी क्या मजबूरी थी कि उसे दंडवत होकर डीएम के पास पहुंचना पड़ा? महिला की शिकायत सुनने के बाद जिलाधिकारी अशोक कुमार ने मामले में जांच और उचित कार्रवाई के निर्देश दिए हैं.
जमीन पर लेटकर डीएम कार्यालय पहुंची महिला
हमीरपुर कलेक्ट्रेट परिसर में बुधवार, 28 अक्टूबर को उस समय हलचल मच गई, जब एक महिला जमीन पर दंडवत करते हुए जिलाधिकारी कार्यालय की ओर बढ़ने लगी. महिला रोते हुए अधिकारियों से न्याय की गुहार लगा रही थी. उसकी हालत देखकर वहां मौजूद कर्मचारियों ने उसे समझाया और उठाकर जिलाधिकारी से मिलवाया. महिला की पहचान देवरती के रूप में हुई है. वह मौदहा तहसील क्षेत्र के खड़ेही लोधन गांव निवासी कैलाश चंद्र की पत्नी है.
एक साल से लापता है पति, मजदूरी करके चला रही परिवार
देवरती के मुताबिक, उसके पति कैलाश चंद्र मानसिक रूप से बीमार थे. इसके चलते वह पति और बच्चों के साथ अपने मायके पौथिया गांव में रहने लगी थी. करीब एक साल पहले कैलाश चंद्र लापता हो गए. महिला का कहना है कि उसने पति की काफी तलाश की, लेकिन अब तक उनका कोई पता नहीं चल सका. पति के लापता होने के बाद परिवार की जिम्मेदारी देवरती पर आ गई. घर का खर्च चलाने और बच्चों की जरूरतें पूरी करने के लिए उसे मजदूरी करनी पड़ रही है.
जेठ-देवर पर छह बीघा जमीन कब्जाने का आरोप
देवरती का आरोप है कि उसके पति के हिस्से की करीब छह बीघा जमीन पर जेठ और देवर ने कब्जा कर लिया है. महिला के मुताबिक, जमीन को लेकर परिवार में लंबे समय से विवाद चल रहा है. उसने ससुराल पक्ष पर घर में ताला लगाने और मारपीट करने के आरोप भी लगाए हैं. महिला का कहना है कि पति के हिस्से की जमीन और रहने के लिए मकान नहीं मिलने से परिवार का गुजारा करना मुश्किल हो रहा है. हालांकि, जमीन पर कब्जे, मारपीट और मकान से जुड़े आरोपों की अभी प्रशासनिक जांच होनी बाकी है.
कई बार थाने और तहसील के चक्कर लगाए
देवरती का कहना है कि वह जमीन के विवाद को लेकर कई बार मौदहा एसडीएम कार्यालय और मुस्करा थाने जा चुकी है. उसने अधिकारियों से पति के हिस्से की जमीन दिलाने और मामले में कार्रवाई करने की गुहार लगाई थी. महिला के मुताबिक, बार-बार शिकायत करने के बावजूद उसकी परेशानी दूर नहीं हुई. इसके बाद उसने सीधे जिलाधिकारी से मिलकर अपनी बात रखने का फैसला किया.
20 साल की बेटी और 18 साल के बेटे की जिम्मेदारी
देवरती के परिवार में दो बच्चे हैं. उसकी बेटी गुड़िया की उम्र 20 साल और बेटे आकाश की उम्र 18 साल है. महिला का कहना है कि पति के लापता होने के बाद दोनों बच्चों के भरण-पोषण की जिम्मेदारी उसी पर है. वह चाहती है कि प्रशासन उसे पति के हिस्से की जमीन और गांव में रहने के लिए मकान दिलाए, ताकि परिवार का खर्च चलाने में मदद मिल सके.
डीएम ने एसडीएम को दिए जांच के निर्देश
देवरती की शिकायत सुनने के बाद हमीरपुर के जिलाधिकारी अशोक कुमार ने मामले का संज्ञान लिया. उन्होंने मौदहा के एसडीएम करनवीर सिंह को मौके पर जाकर मामले की जांच करने और उचित समाधान कराने के निर्देश दिए. अब राजस्व अभिलेखों और संबंधित पक्षों की जांच के बाद ही जमीन के स्वामित्व और कब्जे की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी. फिलहाल, महिला को उम्मीद है कि जिलाधिकारी के हस्तक्षेप के बाद उसकी शिकायत पर कार्रवाई होगी और उसे राहत मिल सकेगी.
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