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Ravi Kishan On Memes: ‘ये सब मेरा नहीं, महादेव का आशीर्वाद है’, वायरल मीम्स पर बोले रवि किशन

सोशल मीडिया खोलते ही इन दिनों अगर किसी एक चेहरे की बाढ़ दिखाई दे रही है, तो वह हैं रवि किशन. कभी उनके डायलॉग वायरल हैं, कभी एक्सप्रेशन, कभी डांस तो कभी उनकी बोलने की खास अंदाज. दिलचस्प बात यह है कि इस पूरे मीम फेस्ट की प्लानिंग खुद रवि किशन ने नहीं की. उल्टा, उनका कहना है कि “मैं नहीं करता, ये अपने आप होता है.” अब खुद रवि किशन ने बताया है कि आखिर Gen Z ने उन्हें अपना क्यों बना लिया है.
‘रवि किशन’ अब सिर्फ नाम नहीं, मीम मटेरियल है
रवि किशन के पुराने वीडियो इन दिनों सोशल मीडिया पर नए संदर्भों के साथ वायरल हो रहे हैं. उनके बोलने का अंदाज, चेहरे के एक्सप्रेशन और अचानक डांस करने के वीडियो को क्रिएटर्स अलग-अलग मीम्स और रील्स में इस्तेमाल कर रहे हैं.
‘पैसा या पहचान? पैसा’, ‘हम्म्म... बेटर डू इट’, ‘जल्दी, द लेट’ जैसे उनके अंदाज इंटरनेट पर अपनी अलग भाषा बना चुके हैं. यहां तक कि सोशल मीडिया यूजर्स ने मजाक-मजाक में उन्हें ‘लॉर्ड रवि’ और ‘गॉड रवि’ जैसे नाम भी दे दिए हैं.
‘ये पागलपन है...’
रवि किशन खुद इस वायरल दौर को देखकर हैरान हैं. उन्होंने इसे एक ऐसा ‘पागलपन’ बताया, जो उन्होंने पहले कभी किसी अभिनेता या राजनेता के साथ नहीं देखा. उनके मुताबिक, यह सब ऑर्गेनिक तरीके से हुआ है. उन्होंने खास तौर पर इस बात का जिक्र किया कि अलग-अलग संस्थाओं और सरकारी सोशल मीडिया हैंडल्स ने भी उनके मीम्स बनाए हैं. रवि किशन का कहना है कि वह इन पोस्ट्स को देखते हैं और कई बार उन्हें लाइक भी करते हैं.
यानी जिस चीज से कई सेलिब्रिटी परेशान हो जाते हैं, रवि किशन फिलहाल उसका पूरा मजा लेते नजर आ रहे हैं.
Gen Z ने क्यों अपना लिया रवि किशन को?
शायद इस पूरे वायरल फेस्ट का सबसे दिलचस्प हिस्सा यही है. रवि किशन का मानना है कि Gen Z ने उन्हें अपना मान लिया है. वह कहते हैं कि पहले किसी ने उन्हें इस तरह ‘डिस्कवर’ नहीं किया था, लेकिन अब युवा उन्हें ज्यादा देखना और जानना चाहते हैं.
उनके मुताबिक इसकी वजह उनकी ‘परफेक्ट’ इमेज नहीं, बल्कि उनकी कमियां और उनकी असलियत हैं. वह मानते हैं कि लोग उनसे इसलिए जुड़ रहे हैं क्योंकि वह अपनी गलतियों को स्वीकार करते हैं और दिल से बात करते हैं.
यही बात आज के सोशल मीडिया दौर में काफी मायने रखती है. जहां ज्यादातर सेलिब्रिटी अपनी हर पोस्ट, हर फोटो और हर बयान को बेहद सोच-समझकर पेश करते हैं, वहीं रवि किशन की अनफिल्टर्ड पर्सनैलिटी लोगों को ज्यादा वास्तविक लग रही है.
‘लॉर्ड रवि’ से ‘आज के ओशो’ तक
रवि किशन ने खुद बताया कि लोग प्यार से उन्हें ‘लॉर्ड रवि’, ‘गॉड रवि’ और यहां तक कि ‘आज के ओशो’ जैसे नाम दे रहे हैं.
इन नामों के पीछे सोशल मीडिया की वही मीम संस्कृति है, जहां किसी सेलिब्रिटी की एक खास आदत, एक्सप्रेशन या डायलॉग को पकड़कर उसे बार-बार नए अंदाज में पेश किया जाता है.
रवि किशन के मामले में यह और दिलचस्प इसलिए है क्योंकि उनकी दशकों पुरानी पब्लिक पर्सनैलिटी अब Gen Z के मीम कल्चर का हिस्सा बन गई है.
रवि किशन को ट्रोलिंग से फर्क नहीं पड़ता?
रवि किशन का कहना है कि वह इस पूरे मीम फेस्ट से परेशान नहीं हैं. उनका परिवार भी इसे देख रहा है और वह खुद इस लोकप्रियता को सकारात्मक तरीके से ले रहे हैं.
उन्होंने सोशल मीडिया की ताकत पर भी बात की. उनके मुताबिक, आज लोग अपनी निजी जिंदगी में काफी अकेले हैं और जब सोशल मीडिया पर कोई ऐसा चेहरा या कंटेंट मिलता है, जो उन्हें मनोरंजन देता है या उनसे जुड़ता है, तो वे उससे भावनात्मक रूप से जुड़ जाते हैं.
वायरल होने की कोशिश नहीं करते रवि किशन
रवि किशन की बातों में सबसे दिलचस्प चीज यह है कि वह इस वायरलिटी को अपनी रणनीति नहीं मानते.
उनका कहना है कि अगर कोई शख्स पहले से यह सोचकर कुछ करे कि उसका कौन-सा डायलॉग वायरल होगा, तो उसकी सहजता खत्म हो जाती है. वह मानते हैं कि आज की Gen Z असली और बनावटी चीजों के बीच फर्क आसानी से समझ लेती है.
शायद यही वजह है कि रवि किशन का अचानक हुआ यह ‘मेमे फेस्ट’ इतना बड़ा बन गया है.
अब अगली पारी ‘मिर्जापुर: द फिल्म’ में
मीम्स और वायरल वीडियो के बीच रवि किशन का काम भी जारी है. वह जल्द ही ‘मिर्जापुर: द फिल्म’ में नजर आने वाले हैं, जो सितंबर में सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली है.
फिलहाल सोशल मीडिया ने रवि किशन को एक नया अवतार जरूर दे दिया है. कभी गंभीर अभिनेता और राजनेता के रूप में पहचाने जाने वाले रवि किशन अब Gen Z के मीम कल्चर के भी चहेते बन चुके हैं.
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