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500 परिवारों का रास्ता बंद, जनसुनवाई में शिकायत:मऊगंज में ग्रामीण बोले- दबंगों ने ट्रैक्टर से जोत दिया और वहां धान की बोवनी कर दी
मऊगंज कलेक्ट्रेट में मंगलवार को जनसुनवाई में जिलेभर से आए लोगों ने अपनी समस्याएं प्रशासन के सामने रखीं। इस दौरान सार्वजनिक रास्ते पर कब्जे, अनुसूचित जाति परिवारों के उत्पीड़न और जल निगम की परियोजना में मजदूरी न मिलने जैसे गंभीर मामले सामने आए। कलेक्टर संजय कुमार जैन ने सभी शिकायतों की जांच कर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। जनसुनवाई में नईगढ़ी तहसील के ग्राम पथरौड़ा कला के ग्रामीणों ने एक अनोखी शिकायत दर्ज कराई। ग्रामीणों का आरोप है कि गांव के सार्वजनिक रास्ते को कुछ दबंगों ने ट्रैक्टर से जोत दिया और वहां धान की बोवनी कर दी। इतना ही नहीं, रास्ते के दोनों तरफ कंटीले तार लगा दिए हैं जिससे आना-जाना पूरी तरह बंद हो गया है। ग्रामीणों ने बताया कि यह रास्ता साल 2014-15 में सरकारी बजट से बना था। इसके बंद होने से करीब 500 घरों के लोगों का संपर्क टूट गया है और वे परेशान हैं। दबंगों से परेशान परिवारों ने मांगी सुरक्षा हनुमना तहसील के करकचहा गांव से आए अनुसूचित जाति के परिवारों ने कलेक्टर से न्याय और सुरक्षा की गुहार लगाई। पीड़ितों का कहना है कि वे सालों से सरकारी जमीन पर रह रहे हैं, लेकिन अब गांव के कुछ दबंग उन्हें वहां से भगाने के लिए प्रताड़ित कर रहे हैं। आरोप है कि उन्हें जातिसूचक शब्दों से अपमानित किया जाता है और महिलाओं के साथ अभद्रता की जाती है। कई बार पुलिस-प्रशासन से शिकायत के बाद भी अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। नाबालिगों से काम कराया, नहीं दी मजदूरी जनसुनवाई में जल निगम की पाइपलाइन परियोजना से जुड़ा एक और गंभीर मामला सामने आया। नगई मोड़ क्षेत्र में पाइपलाइन बिछा रहे ठेकेदारों पर नाबालिगों से काम कराने और स्थानीय मजदूरों का भुगतान रोकने का आरोप लगा है। पीड़ितों ने बताया कि उन्हें ₹500 रोज की मजदूरी का वादा किया गया था, लेकिन काम होने के बाद भी पैसे नहीं दिए गए। मजदूरों को डर है कि ठेकेदार बिना भुगतान किए वहां से भाग सकते हैं। कलेक्टर ने इस मामले में भी तुरंत जांच के आदेश दिए हैं।